बृजभूषण शरण सिंह को अदालत की अंतिम चेतावनी, जवाब दाखिल करने के लिए मिला एक सप्ताह

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डेस्क : महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की अदालत ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में जवाब दाखिल नहीं करने पर उन्हें आगे अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।

यह मामला उन चार महिला पहलवानों की अपील से जुड़ा है, जिन्होंने बृजभूषण शरण सिंह को आरोपों से बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। पहलवानों ने अपनी याचिका में निचली अदालत के फैसले को गलत बताते हुए कहा है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों का उचित आकलन नहीं किया गया।

25 सितंबर को दायर हुई थी अपील

मामले में छह महिला पहलवानों की शिकायतों के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई थी। तीन अगस्त 2026 को मजिस्ट्रेट अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को मामले में बरी कर दिया था। इसके बाद चार महिला पहलवानों ने 25 सितंबर को इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की।

दिल्ली की सत्र अदालत ने 28 सितंबर को बृजभूषण शरण सिंह, दिल्ली सरकार और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को नोटिस जारी किए थे। नौ अक्टूबर को भी बृजभूषण को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया गया था और अगली तारीख 28 अक्टूबर तय की गई थी।

पहलवानों ने फैसले पर उठाए सवाल

अपील में महिला पहलवानों ने आरोप लगाया है कि निचली अदालत का फैसला उपलब्ध साक्ष्यों के गलत और चुनिंदा आकलन पर आधारित है। उन्होंने फैसले को कानूनी रूप से उचित नहीं बताते हुए उसे चुनौती दी है।

अब अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का अंतिम अवसर दिया है। मामले में आगे की सुनवाई अपील और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर आगे बढ़ेगी। महिला पहलवानों की अपील पर अंतिम निर्णय आना अभी बाकी है।