भारत-चीन संबंधों में नरमी के संकेत, ब्रिक्स बैठक के लिए वांग यी का भारत दौरा


बीजिंग/नई दिल्ली: चीन के विदेश मंत्री वांग यी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के आमंत्रण पर भारत का दौरा करेंगे। वे 22 से 23 जून तक आयोजित होने वाली ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और उच्च प्रतिनिधियों की 16वीं बैठक में भाग लेंगे। इस बात की जानकारी गुरुवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने दी।

चीन के विदेश मंत्रालय (एमएफए) के अनुसार, वांग यी, जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और केंद्रीय विदेश मामलों के आयोग के कार्यालय के निदेशक भी हैं, भारत में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे।

वांग यी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन के बीच संबंधों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत देखे जा रहे हैं। इससे पहले वांग यी ने पिछले वर्ष नई दिल्ली का दौरा किया था और अगस्त में आयोजित 24वीं विशेष प्रतिनिधि वार्ता के दौरान अजीत डोभाल के साथ बातचीत की थी।

उस समय दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनी हुई है, जो द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। साथ ही, दोनों देशों ने सीमा विवाद को नियंत्रित रखने और तनाव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

हाल के वर्षों में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच भी संपर्क बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले वर्ष तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी। इससे पहले अक्टूबर 2024 में कज़ान में हुई बैठक के बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति और प्रगति को स्वीकार किया था।

दोनों पक्षों ने इस बात पर भी सहमति जताई थी कि भारत और चीन विकास के साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं, और मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए।

भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच स्थिर संबंध और सहयोग न केवल 2.8 अरब लोगों के हित में हैं, बल्कि यह 21वीं सदी की बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और एशिया के संतुलित विकास के लिए भी आवश्यक हैं।

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