लेबनान युद्ध खत्म करो, तभी होगी बात; ईरान ने अमेरिका के सामने रखी बड़ी शर्त


डेस्क। इजरायल और लेबनान के बीच जारी संघर्ष के बीच ईरान ने बड़ा बयान दिया है। तेहरान ने रविवार को साफ चेतावनी दी कि लेबनान में युद्ध समाप्त किए बिना वह अमेरिका के साथ किसी व्यापक समझौते पर बातचीत में शामिल नहीं होगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि अनुच्छेद 1 सहित सभी प्रावधानों, खासकर सभी मोर्चों (लेबनान समेत) पर युद्ध समाप्ति के बिना अंतिम समझौते के लिए बातचीत संभव नहीं है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान के बीच प्रत्यक्ष वार्ता शुरू होने जा रही है। पाकिस्तान इस वार्ता में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। तीनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी ल्यूसर्न के पास बर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में एकत्र हुए हैं। वार्ता का मुख्य उद्देश्य हाल ही में हस्ताक्षरित 14-सूत्री सहमति पत्र (MoU) के क्रियान्वयन और शांति समझौते के दूसरे चरण की दिशा में आगे बढ़ना है, जिसमें परमाणु मुद्दे और लेबनान में युद्धविराम शामिल हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतिम समझौते की 60 दिन की समय-सीमा वार्ताकारों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति पहुंचे स्विट्जरलैंड

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस रविवार तड़के स्विट्जरलैंड पहुंचे, जबकि ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शनिवार देर रात पहुंच चुके थे। आज दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल बर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में मिलने वाले हैं। वार्ता में मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है….

  • अमेरिका-ईरान सहमति पत्र का क्रियान्वयन
  • लेबनान मोर्चे पर स्थिरता
  • होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा

स्विट्जरलैंड रवाना होने से पहले जेडी वेंस ने कहा था कि हमारी शीर्ष प्राथमिकताएं वार्ता का ढांचा तैयार करना, परमाणु मुद्दों पर प्रगति और लेबनान में युद्धविराम हासिल करना है। हम शीर्ष स्तर पर राजनीतिक नेतृत्व के साथ-साथ तकनीकी टीम को भी सक्रिय रखेंगे।

तनाव के बीच हो रही वार्ता

बता दें कि यह वार्ता क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच हो रही है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों का हवाला देते हुए होर्मुज को फिर से बंद करने की चेतावनी दी है। अमेरिका पर समझौते की मुख्य धाराओं को लागू न करने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि अमेरिकी सैन्य केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने कहा कि होर्मुज में वाणिज्यिक यातायात सामान्य रूप से जारी है। प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने बताया कि शनिवार को 55 व्यापारिक जहाज (कुल 1.7 करोड़ बैरल से अधिक तेल ले जा रहे) इस रास्ते से गुजरे। CENTCOM ने जोर दिया कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण नहीं है।

लेबनान संकट जटिल बना रहा

लेबनान में इजरायल-हिजबुल्लाह के बीच जारी झड़पों ने राजनयतिक प्रयासों को जटिल बना दिया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मार्च से अब तक 4000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इतना ही नहीं, हाल के इजरायली हवाई हमलों में दर्जनों लोग हताहत हुए हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं। हिजबुल्लाह का कहना है कि इजरायली अभियान अमेरिका-ईरान राजनयतिक प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास है।

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