डेस्क : पाकिस्तान के कराची शहर के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में शनिवार को स्थित सिंध रेंजर्स के स्थानीय मुख्यालय पर हुए आतंकवादी हमले में तीन अर्धसैनिक बल के जवानों और तीन आतंकवादियों की मौत हो गई। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने बताया कि आतंकवादियों ने विस्फोटकों से भरे वाहन से मुख्य द्वार को टक्कर मारकर परिसर में घुसने की कोशिश की। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि वाहन में विस्फोट भी हुआ था या नहीं। उन्होंने बताया कि विशेष सुरक्षा इकाई (एसएसयू), आतंकवाद निरोधक बल (एटीएफ) और सिंध रेंजर्स की संयुक्त टीम ने क्षेत्र को सील कर ‘मॉपिंग-अप ऑपरेशन’ चलाया।
हमले में घायल एक अर्धसैनिक जवान को गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान इलाके में भारी गोलीबारी और विस्फोट की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया।
रेस्क्यू 1122 सिंध ने बताया कि गुलिस्तान-ए-जौहर ब्लॉक-5 के निकट विस्फोट की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दलों को तत्काल घटनास्थल पर रवाना किया गया।
हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान तालिबान (टीटीपी) से जुड़े संगठन जमात-उल-अहरार ने ली है। संगठन ने दावा किया कि इस हमले में उसके नौ आतंकवादी शामिल थे। हाल के महीनों में पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमलों में लगातार वृद्धि देखी गई है।
इस वर्ष फरवरी में भी पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के बाहरी इलाके तरलाई कलां स्थित एक शिया इमामबाड़े में हुए आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 31 लोगों की मौत और 169 अन्य घायल हो गए थे। उस घटना के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श भी जारी किया था।


