भारत और जापान 15 वर्ष पुराने सीईपीए को आधुनिक बनाने पर सहमत, व्यापारिक साझेदारी को मिलेगी नई गति

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नई दिल्ली : भारत और जापान ने अपने 15 वर्ष पुराने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को आधुनिक बनाने और उसमें आवश्यक संशोधन करने पर सहमति व्यक्त की है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच उनकी तीन दिवसीय भारत यात्रा (1 से 3 जुलाई) के दौरान हुई द्विपक्षीय वार्ता में लिया गया।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को विशेष मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि शिखर वार्ता के दौरान सीईपीए को उन्नत बनाने का विषय प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि भारत और जापान जैसी विश्व की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार, जो लगभग 25 से 27 अरब अमेरिकी डॉलर का है, दोनों देशों की वास्तविक आर्थिक क्षमता के अनुरूप नहीं है।

मिस्री ने बताया कि भारत और जापान के बीच पहले से व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता लागू है, लेकिन बदलते वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य को देखते हुए अब यह काफी पुराना हो चुका है। इसी कारण भारत ने जापान के समक्ष इस समझौते की व्यापक समीक्षा और आधुनिकीकरण का प्रस्ताव रखा था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने वार्ता के दौरान इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए पुष्टि की कि जापान सीईपीए के उन्नयन के लिए तैयार है तथा दोनों देशों के अधिकारी इस दिशा में आगे की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करेंगे।

यह सहमति 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में भी दर्ज की गई है। दोनों नेताओं ने भारत में जापानी निजी निवेश में हो रही वृद्धि का स्वागत किया तथा पिछले शिखर सम्मेलन में घोषित 10 ट्रिलियन येन के निवेश लक्ष्य की दिशा में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

दोनों देशों ने माना कि सीईपीए पर हस्ताक्षर हुए 15 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, इसलिए द्विपक्षीय व्यापार को अधिक व्यापक और विविध बनाने की आवश्यकता है। इस उद्देश्य से समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा में तेजी लाने तथा उसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने पर भी सहमति बनी।

बैठक में भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मक साझेदारी (आईजेआईसीपी) के अंतर्गत लॉजिस्टिक्स, वस्त्र उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, ऑटोमोबाइल तथा औद्योगिक पूंजीगत उपकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

इसके अतिरिक्त दोनों देशों ने भुगतान प्रणालियों, स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन, स्वास्थ्य सेवाओं तथा औषधि आपूर्ति शृंखला में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

संयुक्त वक्तव्य में भारत-जापान लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) मंच के शुभारंभ तथा वैमानिकी क्षेत्र पर केंद्रित जापानी एसएमई प्रतिनिधिमंडल के भारत दौरे का भी स्वागत किया गया। दोनों देशों ने जापान-भारत स्टार्टअप समर्थन पहल (जेआईएसएसआई) के माध्यम से जापानी स्टार्टअप और लघु उद्यमों की भारत में भागीदारी बढ़ाने तथा निवेश, औद्योगिक सहयोग और प्रौद्योगिकी साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की।

 

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