रूस का भीषण ड्रोन-मिसाइल हमला, कीव दहल उठा – ON THE DOT

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कीव: रूस ने गुरुवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव पर लगभग 11 घंटे तक ड्रोन और मिसाइलों से भीषण हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में कम से कम 21 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 90 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मॉस्को ने इस हमले को रूस के तेल प्रतिष्ठानों पर यूक्रेन द्वारा हाल में किए गए हमलों का जवाब बताया है।

रातभर राजधानी कीव में जोरदार विस्फोटों की आवाजें गूंजती रहीं। हवाई हमले की चेतावनी जारी होने के बाद 50 हजार से अधिक लोगों ने मेट्रो स्टेशनों में शरण ली। हमले के बाद बचाव दल दिनभर क्षतिग्रस्त और ध्वस्त इमारतों के मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे।

यूक्रेनी प्रशासन के अनुसार राजधानी के 30 से अधिक स्थानों पर नुकसान हुआ, जिनमें लगभग 20 रिहायशी इमारतें शामिल हैं। डेसनियांस्की जिले में नौ मंजिला इमारत के भीतर कई लोग फंस गए, जबकि डारनित्स्की जिले में एक अन्य नौ मंजिला इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया।

यूक्रेनी वायुसेना ने बताया कि रूस ने इस हमले में 74 मिसाइलें और 496 ड्रोन दागे। वायु रक्षा प्रणाली ने बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन अधिकारियों ने स्वीकार किया कि बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना अब भी बेहद चुनौतीपूर्ण है।

इस बीच यूक्रेन के मध्य स्थित द्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में रूसी हमले में सात वर्षीय एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार के चार अन्य सदस्य, जिनमें 11 वर्षीय एक बच्ची भी शामिल है, घायल हो गए।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि हमले केवल सैन्य ठिकानों, हथियार निर्माण कारखानों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाकर किए गए। वहीं क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि कार्रवाई “विशेष रूप से सैन्य अथवा सैन्य-संबंधित लक्ष्यों” के खिलाफ की गई।

हालांकि यूक्रेन ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि हमले में बड़ी संख्या में रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है और नागरिक हताहत हुए हैं। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने इसे राजधानी के लिए “खौफ की रात” बताया।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन ने रूस के भीतर अपने लंबी दूरी के ड्रोन हमलों को तेज कर दिया है। हाल के सप्ताहों में यूक्रेनी सेना ने रूस की तेल रिफाइनरियों, ईंधन भंडारों और सैन्य आपूर्ति मार्गों को लगातार निशाना बनाया है। यूक्रेन का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य रूस की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और उसे वार्ता की मेज पर आने के लिए मजबूर करना है।

यूक्रेनी सेना ने दावा किया कि उसने रात में रूस के निज़नी नोवगोरोद क्षेत्र स्थित एक बड़े तेल शोधन संयंत्र पर हमला कर वहां आग लगा दी। इसके अलावा रूस के कब्जे वाले लुहान्स्क क्षेत्र में सिवेर्स्की दोनेत्स नदी पर बने एक महत्वपूर्ण रेलवे पुल को भी निशाना बनाया गया, जिसका उपयोग रूसी सेना सैनिकों, हथियारों और सैन्य सामग्री की आपूर्ति के लिए कर रही थी।

सैन्य विश्लेषकों के अनुसार ड्रोन प्रौद्योगिकी में यूक्रेन की प्रगति ने उसे रूस के भीतर गहराई तक प्रभावी हमले करने में सक्षम बनाया है। इन हमलों से रूस की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है और विशेष रूप से क्रीमिया तथा पूर्वी यूक्रेन में उसकी सैन्य गतिविधियों पर दबाव बढ़ा है।

लगातार बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच युद्ध समाप्त कराने के कूटनीतिक प्रयास अब तक सफल नहीं हो सके हैं। रूस और यूक्रेन दोनों अपने-अपने सैन्य अभियानों को तेज कर रहे हैं, जबकि शांति वार्ता की संभावनाएं अभी भी धूमिल बनी हुई हैं।

रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के चार वर्ष से अधिक समय बाद भी युद्ध का मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अब तक 16,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि दोनों पक्षों के सैन्य हताहतों की संख्या लाखों में आंकी जा रही है।

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