यूपी में शिक्षक समायोजन पर सवाल, जिन विषयों के छात्र नहीं वहां भी भेजे गए शिक्षक

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डेस्क : उत्तर प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन और स्थानांतरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि 30 जून को जारी स्थानांतरण आदेश में कई शिक्षकों को ऐसे विद्यालयों में भेज दिया गया, जहां उनके विषय के एक भी छात्र पंजीकृत नहीं हैं। इस मामले को लेकर आधा दर्जन से अधिक शिक्षकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, प्रयागराज के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नंदौत फूलपुर में वाणिज्य विषय के शिक्षक पीयूष कुमार सिंह का स्थानांतरण सोनभद्र के राजकीय हाईस्कूल कन्हौरा में किया गया। वहां 61 विद्यार्थियों के मुकाबले पहले से तीन शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि वाणिज्य विषय में एक भी छात्र नहीं है। इसी तरह फतेहपुर के दो अन्य विद्यालयों के वाणिज्य शिक्षकों को भी ऐसे संस्थानों में भेजा गया, जहां इस विषय के विद्यार्थी पंजीकृत नहीं हैं।

शिक्षकों का कहना है कि यदि उन्हें पुराने विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षक होने के आधार पर स्थानांतरित किया गया था, तो उन्हें ऐसे विद्यालयों में भेजा जाना चाहिए था जहां उनके विषय के छात्र मौजूद हों। हाईकोर्ट ने संबंधित शिक्षकों की याचिका पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक को नियमानुसार उनके प्रत्यावेदन का निस्तारण करने का निर्देश दिया है।

इसी बीच, सुल्तानपुर और लखनऊ के विद्यालयों से इतिहास विषय के दो प्रवक्ताओं का स्थानांतरण राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज लखनऊ में किया गया, जबकि वहां इंटर स्तर पर इतिहास विषय में कोई छात्र पंजीकृत नहीं है।

वहीं, हमीरपुर के पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज टेढ़ा में 669 विद्यार्थी पंजीकृत होने के बावजूद छह शिक्षकों के तबादले से भी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। विद्यालय में अब केवल चार शिक्षक 669 विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। शिक्षकों के समायोजन और स्थानांतरण की इस प्रक्रिया को लेकर अब विभागीय स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं।