ज्ञानेश कुमार को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, पवन खेड़ा ने कसा तंज

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डेस्क : मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य की ओर से ज्ञानेश कुमार की प्रशंसा किए जाने के बाद कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने उन पर तंज कसा है।

शमिक भट्टाचार्य ने ज्ञानेश कुमार के काम की सराहना करते हुए कहा था कि उन्हें कम से कम पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना चाहिए। इसके जवाब में पवन खेड़ा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि पद्म भूषण तो बहुत छोटी बात है और उन्हें प्रधानमंत्री ही बना देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दूसरों को प्रधानमंत्री बना सकता है, वह खुद भी प्रधानमंत्री बनने का हकदार है।

क्या कहा भाजपा नेता ने?

पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा था कि ज्ञानेश कुमार की भूमिका के कारण पश्चिम बंगाल में लंबे समय बाद ऐसा चुनाव हुआ, जिसमें लोगों को चुनावी हिंसा और भय के बिना मतदान करने का अवसर मिला।

उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का भी उल्लेख किया। भट्टाचार्य के मुताबिक, पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्य में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के नाम हटाने की दिशा में कार्रवाई हुई। इसी आधार पर उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की प्रशंसा की और पद्म भूषण दिए जाने की बात कही।

कांग्रेस क्यों उठा रही सवाल?

दूसरी ओर, कांग्रेस समेत विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। इसी राजनीतिक विवाद के बीच पवन खेड़ा की टिप्पणी सामने आई है।

लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद विपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर अपने सवाल और तेज किए हैं। रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग के भीतर कुछ निर्णयों को लेकर आपत्तियों का भी उल्लेख किया गया है।

एसआईआर बना राजनीतिक मुद्दा

देश के कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद सामने आए हैं। भाजपा जहां इसे मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया के रूप में देख रही है, वहीं विपक्ष इसके तौर-तरीकों को लेकर सवाल उठा रहा है।

ज्ञानेश कुमार को लेकर भाजपा नेता की प्रशंसा और कांग्रेस के जवाब ने इस राजनीतिक बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल दोनों दलों की ओर से इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी है।