पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बीच विश्वेश नेगी होंगे ईरान में भारत के अगले राजदूत

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नई दिल्ली : भारत सरकार ने भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 2002 बैच के अधिकारी विश्वेश नेगी को इस्लामी गणराज्य ईरान में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। नेगी फिलहाल नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, विश्वेश नेगी जल्द ही तेहरान में अपनी नई राजनयिक जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल ऐसे समय में शुरू होने जा रहा है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है और भारत के लिए ईरान के साथ रणनीतिक, व्यापारिक और क्षेत्रीय संबंधों का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा भारत के लिए अहम चिंता का विषय बनी हुई है। भारत ने क्षेत्र में जारी तनाव के बीच वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी तरह के हमले से बचने की अपील की है। नई दिल्ली लगातार बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से क्षेत्रीय संकट का समाधान तलाशने की वकालत कर रही है।

इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर चर्चा हुई।

बातचीत के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि उन्होंने क्षेत्र में जारी शत्रुता को लेकर भारत की गंभीर चिंता से ईरानी विदेश मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी परिस्थिति में वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री यात्रियों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

जयशंकर ने कहा कि भारत किसी भी पक्ष की ओर से इस तरह के हमले की निंदा करता है। उन्होंने यह भी बताया कि बातचीत के दौरान उन्हें मौजूदा घटनाक्रम और जारी चर्चाओं को लेकर ईरान का पक्ष जानने का अवसर मिला।

विदेश मंत्री ने दोहराया कि भारत क्षेत्रीय संकट के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का हमेशा समर्थन करता है।

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत सोमवार से शुरू होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि यह वार्ता मध्यस्थों के माध्यम से आगे बढ़ सकती है। वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, समुद्री गलियारे के संचालन के लिए संयुक्त तंत्र तैयार करने को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है।

ऐसे समय में विश्वेश नेगी की तेहरान में नियुक्ति को भारत-ईरान संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी जिम्मेदारी में दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, व्यापारिक संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत के हितों को आगे बढ़ाना अहम होगा।