नई दिल्ली : उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बाक्तियोर सैदोव चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रविवार को नई दिल्ली पहुंचे। उनका भारत दौरा 2 से 5 अगस्त तक है। इस दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सैदोव के नई दिल्ली पहुंचने पर उनका स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री का भारत में गर्मजोशी से स्वागत है।
सैदोव की यात्रा के दौरान सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से उनकी मुलाकात प्रस्तावित है। इसके बाद वह राजधानी में आयोजित विशेष बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे। दिन के प्रमुख कूटनीतिक कार्यक्रम के तहत वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक करेंगे। बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्री सैदोव 4 अगस्त को भी नई दिल्ली में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उनकी भारत यात्रा का समापन 5 अगस्त को होगा, जब वह नई दिल्ली से रवाना होंगे।
रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हाल के वर्षों में उच्चस्तरीय संपर्क लगातार बढ़े हैं। दोनों देश व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत और उज्बेकिस्तान ने 18 मार्च 1992 को ताशकंद में राजनयिक संबंध स्थापित करने संबंधी प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए थे। वर्ष 2011 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव की पिछली मुलाकात सितंबर 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
व्यापार बढ़ाने की बड़ी संभावना
उज्बेकिस्तान के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 75.66 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा। उज्बेकिस्तान के शीर्ष 10 व्यापारिक साझेदारों में भारत शामिल है, हालांकि दोनों देशों के बीच व्यापार की मौजूदा मात्रा को संभावित स्तर से काफी कम माना जाता है।
भारत से उज्बेकिस्तान को मुख्य रूप से दवाइयां, मशीनरी, वाहन कलपुर्जे, सेवाएं, जमे हुए भैंस के मांस, ऑप्टिकल उपकरण और मोबाइल फोन का निर्यात किया जाता है। वहीं उज्बेकिस्तान से भारत में फल एवं सब्जियां, सेवाएं, उर्वरक, जूस एवं उनके अर्क तथा चिकनाई वाले उत्पाद प्रमुख रूप से आयात किए जाते हैं।
दोनों देशों ने उज्बेकिस्तान के विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में शामिल होने की प्रक्रिया के तहत 27 मई 2026 को द्विपक्षीय बाजार पहुंच प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए हैं। माना जा रहा है कि सैदोव की मौजूदा यात्रा से आर्थिक संबंधों को नई गति देने और द्विपक्षीय व्यापार को संभावित स्तर तक पहुंचाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।








