ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता और ‘बर्थ टूरिज्म’ पर कसा शिकंजा, दो कार्यकारी आदेशों पर किए हस्ताक्षर

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वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को जन्मसिद्ध नागरिकता और ‘बर्थ टूरिज्म’ पर रोक लगाने के उद्देश्य से दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन अमेरिकी आव्रजन व्यवस्था के कथित दुरुपयोग के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई कर रहा है।

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के बाद उनका प्रशासन इसमें कुछ बदलाव कर रहा है।

ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार इस मामले में “बहुत बड़े स्तर पर कार्रवाई” कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जन्मसिद्ध नागरिकता की व्यवस्था का मजाक बना दिया गया है।

व्हाइट हाउस के अनुसार, पहले कार्यकारी आदेश में विदेशी नागरिकों के बच्चों की कुछ ऐसी श्रेणियां तय की गई हैं, जिन्हें जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता का अधिकार नहीं मिलेगा। प्रशासन के अनुसार, इसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऐतिहासिक रूप से मान्यता प्राप्त कुछ अपवादों को ध्यान में रखा गया है। व्हाइट हाउस ने कहा कि ये श्रेणियां अंतिम या संपूर्ण सूची नहीं हैं और हालिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले ट्रंप बनाम बारबरा के आधार पर तय की गई हैं।

दूसरे कार्यकारी आदेश के तहत विदेश मंत्री और गृह सुरक्षा मंत्री को राष्ट्रपति के अधिकार सौंपे गए हैं। दोनों विभागों को ‘बर्थ टूरिज्म’ की प्रथा पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें विदेशी नागरिक मुख्य रूप से अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से वहां जाते हैं, ताकि बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके।

व्हाइट हाउस के सलाहकार स्टीफन मिलर ने इन कार्यकारी आदेशों का बचाव करते हुए कहा कि ये कदम अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के मूल उद्देश्य पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि गृहयुद्ध के बाद 14वां संशोधन मुख्य रूप से गुलामी से मुक्त हुए लोगों के बच्चों को नागरिकता सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था।

मिलर ने कहा कि राष्ट्रपति के आदेश के तहत जन्मसिद्ध नागरिकता के लिए अयोग्य लोगों की श्रेणियों का विस्तार किया जा रहा है। इनमें अमेरिका में मौजूद कुछ ‘विदेशी दुश्मन’, विदेशी आतंकवादी संगठनों के सदस्य और विदेशी सरकारों की ओर से काम करने वाले लोगों की कुछ श्रेणियां शामिल हो सकती हैं।

‘बर्थ टूरिज्म’ पर कार्रवाई को मिलर ने ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि अब अमेरिकी वीजा का इस्तेमाल इस उद्देश्य के लिए करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और इससे अमेरिकी नागरिकता की व्यवस्था को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

व्हाइट हाउस के स्टाफ सचिव विल शार्फ ने भी इन आदेशों की कानूनी वैधता का बचाव किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसे कानूनी उपायों का इस्तेमाल कर रहा है जो उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इनका लक्ष्य विशेष रूप से ‘बर्थ टूरिज्म’ से जुड़ा कारोबार है।

ट्रंप के ये कार्यकारी आदेश जून में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के कुछ सप्ताह बाद आए हैं, जिसमें अदालत ने कहा था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले वे बच्चे, जिनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी तौर पर अमेरिका में रह रहे हैं, 14वें संशोधन के नागरिकता प्रावधान के तहत स्वतः अमेरिकी नागरिकता के हकदार हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने फैसले यूनाइटेड स्टेट्स बनाम वोंग किम आर्क का भी हवाला दिया था। इस फैसले में अदालत ने माना था कि अमेरिका में विदेशी माता-पिता के यहां जन्म लेने वाले बच्चे सामान्य तौर पर जन्मसिद्ध नागरिकता के हकदार होते हैं।