ईरान में युद्ध के बीच सामान्य जनजीवन, राष्ट्रपति पेजेश्कियान बोले- लोगों को युद्ध का एहसास तक नहीं हुआ

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डेस्क : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दावा किया है कि बेहतर संकट प्रबंधन, सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय और पड़ोसी देशों के सहयोग के कारण देश में आम जनजीवन पर युद्ध का असर सीमित रहा। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले के बावजूद आम नागरिकों को युद्ध की स्थिति का ज्यादा एहसास नहीं हुआ।

राष्ट्र के नाम टेलीविजन संबोधन में पेजेश्कियान ने कहा कि सरकार, प्रांतीय प्रशासन और मंत्रियों के बीच बेहतर तालमेल ने मुश्किल हालात में भी सामान्य स्थिति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, “लोगों को युद्ध का बिल्कुल एहसास नहीं हुआ। उन्हें तभी पता चला कि कुछ हुआ है, जब कहीं हमला हुआ या उन्होंने टेलीविजन पर उसकी तस्वीरें देखीं।”

बिजली संयंत्रों पर हमले का भी सीमित असर

राष्ट्रपति ने दावा किया कि संघर्ष के दौरान ईरान के कई बिजली संयंत्रों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, लेकिन इसका असर आम लोगों तक बड़े पैमाने पर नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि बिजली संयंत्रों पर हमलों के बावजूद सरकार की व्यवस्था ऐसी रही कि लोगों को बिजली आपूर्ति में किसी बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।

पड़ोसी देशों के सहयोग को बताया अहम

पेजेश्कियान ने ईरान के पड़ोसी देशों के साथ बेहतर होते संबंधों को भी संकट से निपटने में अहम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ईरान के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में सुधार हुआ है और क्षेत्रीय देश सहयोग कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि संघर्ष के दौरान ईरान के विरोधियों की एक कोशिश देश के उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों में अशांति और तनाव पैदा करने की थी। पेजेश्कियान के मुताबिक, ऐसी आशंकाएं जताई गई थीं कि इन इलाकों के रास्ते लोग ईरान में प्रवेश कर अशांति फैला सकते हैं, लेकिन पड़ोसी देशों ने ऐसा नहीं होने दिया।

तेहरान के आसपास मेट्रो विस्तार की योजना

राष्ट्रपति ने राजधानी तेहरान के आसपास परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तेहरान मेट्रो नेटवर्क को आसपास के शहरों तक पहुंचाने की योजना सरकार के एजेंडे में है।

उन्होंने इस्लामशहर, कुद्स सिटी, रोबत करीम और शाहरियार जैसे शहरों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, इससे यात्रा का समय कम करने के साथ-साथ वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।

बाहरी खतरे से निपटने के लिए सेना तैयार

पेजेश्कियान का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है। इससे पहले ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल माजिद एब्न-ए-रेजा ने कहा था कि देश की सशस्त्र सेनाएं किसी भी बाहरी खतरे का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने ईरान की सैन्य तैयारियों के पीछे देश के घरेलू रक्षा उद्योग को भी महत्वपूर्ण बताया।

इस बीच तेहरान और वाशिंगटन के बीच भी तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द नहीं खोला गया तो ईरान को “बहुत कड़ी मार” झेलनी पड़ेगी। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथ जारी बातचीत के दावों को खारिज किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि तेहरान फिलहाल वाशिंगटन के साथ किसी बातचीत में शामिल नहीं है।