रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने विधानसभा घेराव मार्च निकाला। विधानसभा के पास पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार की।
यह मार्च जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मोर्चा के नेतृत्व में निकाला गया था। प्रदर्शनकारी परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच कराने तथा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा के आसपास एकत्र हुए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी।
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो भी छात्रों के विधानसभा घेराव मार्च में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगें सुननी ही होंगी। महतो पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का चित्र लेकर प्रदर्शन में पहुंचे।
महतो ने कहा, “भूख हड़ताल पर होने के बावजूद कंटीले तार हमें रोक नहीं पाएंगे। मैं एंबुलेंस से यहां आया हूं। सरकार को छात्रों की मांगें सुननी होंगी।” उन्होंने लोगों से उन्हें नायक या मसीहा नहीं बनाने की अपील करते हुए कहा कि वह एक आम आदमी हैं।
उन्होंने कहा कि तीन स्तर की बैरिकेडिंग पार करने के बावजूद छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। महतो ने सवाल उठाया कि सरकार छात्रों की मांगों को स्वीकार करने के बजाय स्थिति को टकराव की ओर क्यों ले जा रही है। उन्होंने कहा कि कंटीले तारों से लगी चोट भूख हड़ताल से भी अधिक तकलीफ दे रही है।
मुख्यमंत्री से पुलिस कार्रवाई नहीं करने की अपील
महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोमवार को मुख्यमंत्री का जन्मदिन है और सरकार को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, जिससे कोई अप्रिय स्थिति पैदा हो या किसी प्रदर्शनकारी को चोट पहुंचे।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान खून-खराबे की स्थिति नहीं बननी चाहिए। महतो ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों को स्वीकार नहीं करती है तो उसे लोकतंत्र की आवाज दबाने वाली सरकार के रूप में याद किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों की मांगों पर सुनवाई नहीं होती, उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। महतो पिछले नौ दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर हैं। यही स्थान छात्रों के आंदोलन का मुख्य धरना स्थल बना हुआ है।
केंद्रीय जांच की मांग के बीच धन शोधन मामले में कार्रवाई
प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट दर्ज की है।
छात्र संगठनों की मांग है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।








