गुवाहाटी : असम में बाढ़ की स्थिति रविवार को भी गंभीर बनी रही। राज्य में बाढ़ से दो और लोगों की मौत के बाद इस साल बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है। राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी अब भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव सहायता का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं। बाढ़ के कारण कई गांवों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़क संपर्क बाधित होने के कारण कुछ इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है।
कई इलाकों में अब भी बाढ़ का पानी
असम के विभिन्न हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
हाल के दिनों में प्रभावित जिलों और लोगों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 8 अगस्त तक आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 13 जिलों में करीब 1.55 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे और मृतकों की संख्या 98 हो गई थी।
राहत और बचाव अभियान जारी
प्रशासन और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी लोगों ने राहत और बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है।
असम में इस साल बाढ़ के साथ-साथ भूस्खलन से भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
प्रभावित लोगों की बढ़ रही मुश्किलें
बाढ़ के कारण घरों के साथ-साथ कृषि भूमि और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। कई गांवों में आवागमन प्रभावित होने से लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की है। मौसम और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।








