छात्र आंदोलन के बीच JPSC के पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार, विधानसभा मार्च में पुलिस से टकराव

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डेस्क : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। झारखंड सीआईडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया। मामले में यह सीआईडी की ओर से की गई 20वीं गिरफ्तारी बताई जा रही है।

खियांग्ते से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पहले भी पूछताछ की जा चुकी है। उन्होंने 22 जुलाई को JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद रविवार को आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इन इस्तीफों को स्वीकार कर लिया है।

विधानसभा मार्च के दौरान तनाव

इधर, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा मार्च के लिए पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार की। स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी देखने को मिला।

आंदोलन में शामिल छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। खराब स्वास्थ्य के बावजूद वह एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग से जुड़ी तख्तियां ले रखी थीं।

जांच को लेकर बढ़ा दबाव

JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार की ओर से सीआईडी जांच जारी है। मामले में आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

पूर्व JPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी और विधानसभा मार्च के दौरान हुए घटनाक्रम ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद को और गंभीर बना दिया है। छात्रों की मांगों और सरकार की कार्रवाई के बीच अब इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई पर सबकी नजर है।