लखनऊ। राजधानी लखनऊ में ही पुलिस का ऐसा चेहरा सामने आया है जिसने सरकार के दावों की पोल खोलकर रख दी है। 11वीं छात्रा के साथ लगातार छेड़छा़ड़ होती रही। विरोध करने पर हमला भी हुआ। पिता शिकायत के लिए पुलिस चौकी से थाने का चक्कर लगाता रहा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंतत: इन सब से आजिज आकर सोमवार की दोपहर छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना मलिहाबाद के कसमंडी कला इलाके की है। 15 साल की किशोरी के जान देने के बाद पुलिस की नींद खुली और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया पुलिस चौकी प्रभारी कसमंडी कला विवेक कुमार को निलंबित कर दिया है।
छात्रा के पिता के मुताबिक उनकी बड़ी बेटी 11वीं की छात्रा थी। सोमवार सुबह वह पत्नी और छोटी बेटी के साथ बाजार गए थे। दोपहर करीब 12 बजे लौटे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर खटखटाते रहे कोई उत्तर नहीं मिला। धक्का दिया तो दरवाजा खुल गया। अंदर कमरे में कुंडे से साड़ी के सहारे बेटी का शव फंदे पर लटका देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसग गई। परिवार में कोहराम मच गया। शोर सुनकर आस पड़ोस के लोग आ गए। बेटी को फंदे से उतारा। घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। बेटी को अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
महीनों से परेशान कर रहा था युवक
पीड़ित पिता के मुताबिक करीब छह महीने से क्षेत्र में रहने वाला हंस कुमार बेटी को परेशान कर रहा था। वह स्कूल आते जाते समय उसके साथ छेड़छाड़ करता था। छेड़छाड़ के विरोध पर छह महीने पहले 20 मई को हंस कुमार ने उन पर भी हमला किया था। हमले में वह घायल हो गए थे। कसमंडी कला चौकी और थाने में शिकायत की पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इससे वह मनबढ़ हो गया था।
घर तक में घुसकर छेड़छाड़
पिछले महीने 13 अक्तूबर को बेटी घर पर अकेले थी। इस दौरान आरोपी युवक घर में घुस गया। बेटी के साथ छेड़छाड़ की। विरोध पर पीटा और धमकी देते हुए भाग निकला। इसके बाद से बेटी बहुत दहशत में थी। घटना की शिकायत कसमंडी कला चौकी प्रभारी विवेक से की गई। इसके बाद भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। वह लगातार थाने से लेकर चौकी का चक्कर काटते रहे लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। इससे शोहदा और ज्यादा परेशान करने लगा। इससे परेशान होकर बेटी ने जान दे दी।
पांच महीने में दो बार हमला
मलिहाबाद कसमंडी कला में छेड़छाड़ के आरोपी शोहदे हंस कुमार ने पांच महीने में छात्रा और उसके पिता पर दो बार जानलेवा हमला किया था। पीड़ित पिता के मुताबिक 20 मई को शोहदे ने उनके मुंह पर चाकू मारी थी। तीन टांके लगे थे। चौकी और थाने में तहरीर दी। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। आरोपी मनबढ़ हो गया। 13 अक्तूबर को उसने घर में घुसकर बेटी पर हमला किया। पुलिस ने दोबारा भी तहरीर ले ली और हाथ पर हाथ रखकर बैठ गई।
पुलिस ने मेडिकल कराया लेकिन कार्रवाई नहीं की
पिता ने बताया कि शोहदे ने घर में घुसकर उन्हें पीटा। हमले के दौरान उसने चाकू मार दिया। चाकू के हमले से चेहरे पर घाव हो गया। थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मेडिकल कराया। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट और तहरीर दोनों रखकर बैठ गई। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
बेटी के अपहरण की देता था धमकी
पीड़ित पिता के मुताबित हंस कुमार पूरे गांव में घूम घूम कर चिढ़ाता था कि थाने में शिकायत के बाद भी कुछ नहीं करा पाए। फिर बेटी के अपहरण की धमकी देने लगा। धमकी के कारण बेटी बहुत डरी सहमी थी। वह घर से निकलने में भी डरती थी।
क्या बोले पुलिस अफसर
उधर पुलिस उपायुक्त अमित आनंद का कहना है कि छात्रा के पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। मई में भी दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। उस समय दोनों ने आपस में समझौता कर लिया था। 13 अक्टूबर को आरोपी भी ने छात्रा से मारपीट की थी। इस मामले में चौकी प्रभारी ने कार्रवाई नहीं की। उन्हें निलंबित कर दिया गया है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
उधर, थानाध्यक्ष अपराध सुरेंद्र मिश्रा ने कहा कि आईजीआरएस पर 13 मई को छात्रा के पिता ने आरोपी के खिलाफ शिकायत की थी। उसकी जांच चौकी प्रभारी कर रहे हैं। दोनों पक्षों को चौकी में बुलाया गया था। थाने में कोई प्रार्थनापत्र नहीं मिला।









