CINTAA में घमासान: पूनम ढिल्लन-पद्मिनी कोल्हापुरे पर गंभीर आरोप, 8 सदस्यों ने छोड़ा पद

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मुंबई : सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) में आंतरिक विवाद गहराता नजर आ रहा है। एग्जीक्यूटिव कमिटी के आठ सदस्यों ने तत्काल प्रभाव से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने संगठन के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाते हुए मौजूदा व्यवस्था में अपना विश्वास खत्म होने की बात कही है। उन्होंने नए सिरे से चुनाव कराने की मांग भी की है।

इस्तीफा देने वाले सदस्यों में मुकेश ऋषि, हेमंत पांडे, साहिल चड्ढा, हेतल परमार, पुनीत इस्सर, विंदू दारा सिंह, विकास वर्मा और दीपक पराशर शामिल हैं। CINTAA की महासचिव उपासना सिंह ने आठ निर्वाचित सदस्यों के इस्तीफे की पुष्टि की है। उनके मुताबिक कुल 11 सदस्यों ने इस्तीफा दिया है, जिनमें आठ निर्वाचित कार्यकारिणी सदस्य हैं।

सामूहिक निर्णय की प्रक्रिया पर उठे सवाल

इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने अपने संयुक्त पत्र में आरोप लगाया है कि संस्था का कामकाज सामूहिक निर्णय, आपसी सलाह-मशविरा और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं चल रहा था। उनका कहना है कि संगठन का संचालन CINTAA की अध्यक्ष पूनम ढिल्लन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद्मिनी कोल्हापुरे और कुछ अन्य कार्यकारिणी सदस्यों तक सीमित होता जा रहा था।

सदस्यों ने पूनम ढिल्लन पर बिना कार्यकारिणी की पर्याप्त सहमति के महत्वपूर्ण फैसले लेने और आधिकारिक स्तर पर संवाद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ सरकारी कार्यालयों में निजी तौर पर नियुक्त वकीलों के साथ मुलाकात की गई, जबकि कार्यकारिणी से इसकी मंजूरी नहीं ली गई थी। ये सभी आरोप इस्तीफा देने वाले सदस्यों की ओर से लगाए गए हैं।

नए चुनाव की मांग

इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने CINTAA में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में संस्था के कामकाज को लेकर विश्वास का संकट पैदा हो गया है।

हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच CINTAA की ओर से यह भी कहा गया है कि कार्यकारिणी के भंग होने की खबरें गलत हैं। संगठन के मुताबिक इस्तीफों के बाद खाली हुए पदों को उसके संविधान में निर्धारित प्रक्रिया के तहत भरा गया है और कार्यकारिणी काम करती रहेगी।

CINTAA में सामने आया यह विवाद अब संगठन के भीतर नेतृत्व, निर्णय प्रक्रिया और कार्यकारिणी की भूमिका को लेकर नई बहस का कारण बन गया है।