बंगाल में आज से लागू हुई आयुष्मान भारत योजना, तीन स्वास्थ्य योजनाएं एक साथ चलेंगी

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में लंबे इंतजार के बाद रविवार से केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) लागू हो गई। राज्य में फिलहाल तीन स्वास्थ्य योजनाएं एक साथ संचालित होंगी। इनमें केंद्र की आयुष्मान भारत योजना, राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना और स्वास्थ्य साथी योजना शामिल हैं।

राज्य सरकार के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने के बाद भी स्वास्थ्य साथी योजना को तत्काल बंद नहीं किया जाएगा। अगले दो से तीन महीनों तक तीनों योजनाएं समानांतर रूप से चलने की संभावना है। इस दौरान स्वास्थ्य साथी के लाभार्थियों को धीरे-धीरे नई व्यवस्था में स्थानांतरित किया जाएगा। लाभार्थियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने तक स्वास्थ्य साथी योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं जारी रहेंगी।

5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा

आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या की कोई सीमा नहीं रखी गई है। पात्र लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार का लाभ ले सकेंगे।

आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले तक की जांच और उपचार संबंधी सुविधाएं तथा अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 15 दिनों तक दवाइयों, जांच और अन्य निर्धारित चिकित्सा खर्च को भी कवर किया जाएगा। पहले से मौजूद बीमारियों का इलाज भी योजना के तहत पहले दिन से ही शामिल होगा।

करोड़ों लोगों का पंजीकरण

आयुष्मान भारत योजना के तहत पश्चिम बंगाल में अब तक करीब 3.39 करोड़ लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। वहीं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए लगभग 80 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया है।

केंद्र और राज्य सरकार के बीच योजना के क्रियान्वयन को लेकर लंबे समय से मतभेद रहे थे। अब आयुष्मान भारत के राज्य में लागू होने के बाद पश्चिम बंगाल देश का ऐसा राज्य बन गया है, जहां केंद्र की इस प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना का विस्तार हो गया है।

सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य पात्र लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और महंगे इलाज के खर्च से परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है। आने वाले महीनों में लाभार्थियों के स्थानांतरण और योजनाओं के एकीकरण की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।