डेस्क : भारतीय रेलवे लंबी दूरी की रेल यात्रा को और तेज, आरामदायक और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के महाप्रबंधक यू. सुब्बा राव ने बताया है कि 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उत्पादन जल्द शुरू होने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है।
24 कोच वाली होगी नई वंदे भारत स्लीपर
मौजूदा वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट की तुलना में 24 कोच वाली ट्रेन यात्रियों के लिए अधिक क्षमता उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य लंबी दूरी के व्यस्त रेल मार्गों पर ज्यादा यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराना है।
ICF पहले से ही वंदे भारत ट्रेनसेट के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान ने 24 कोच वाले स्लीपर ट्रेनसेट के विकास पर काम आगे बढ़ाया है और इसके उत्पादन की तैयारी की जा रही है।
लंबी दूरी की यात्रा में बदलेगा अनुभव
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को खास तौर पर लंबी दूरी और रातभर की यात्रा को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसमें यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ एसी स्लीपर श्रेणियों में यात्रा का विकल्प मिलता है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि परीक्षण के दौरान इसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक है। ट्रेन में आधुनिक बर्थ, बेहतर यात्री सुविधाएं, सीसीटीवी, आधुनिक शौचालय और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
260 स्लीपर ट्रेनसेट बनाने की योजना
रेल मंत्रालय ने देश में कुल 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के निर्माण की योजना बनाई है। यह कार्यक्रम प्रोटोटाइप विकास, परीक्षण और चरणबद्ध सीरीज प्रोडक्शन के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें ICF चेन्नई और BEML समेत तकनीकी साझेदार शामिल हैं।
24 कोच वाले ट्रेनसेट का विकास इसी बड़े कार्यक्रम का हिस्सा है। इससे भविष्य में ज्यादा क्षमता वाली स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों को लंबी दूरी के प्रमुख रेल मार्गों पर उतारने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
अमृत भारत 3.0 पर भी काम
ICF के महाप्रबंधक ने अमृत भारत 3.0 को लेकर भी जानकारी दी है। अगली पीढ़ी की अमृत भारत ट्रेनों में एसी, सामान्य और स्लीपर श्रेणी के कोच शामिल किए जाने की योजना है। इससे अलग-अलग आय वर्ग के यात्रियों को एक ही ट्रेन में यात्रा के ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे।
ICF ने वंदे भारत तकनीक का इस्तेमाल माल परिवहन के लिए भी शुरू किया है। फैक्ट्री ने फ्रेट इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट यानी फ्रेट EMU ट्रेनसेट विकसित किए हैं। इससे स्वदेशी ट्रेनसेट तकनीक का इस्तेमाल यात्री ट्रेनों के साथ-साथ माल ढुलाई में भी किया जा सकेगा।
24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उत्पादन की दिशा में बढ़ता कदम भारतीय रेलवे के लिए अहम माना जा रहा है। इसके तैयार होने के बाद लंबी दूरी की रातभर की यात्रा में ज्यादा यात्रियों को तेज और आधुनिक रेल सेवा उपलब्ध कराने का रास्ता और मजबूत होगा।








