जयपुर : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने ‘वंदे मातरम्’ विवाद को लेकर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। गहलोत ने आरोप लगाया कि जिस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों को एकजुट किया, आज उसी का इस्तेमाल समाज और देश को बांटने के लिए किया जा रहा है।
गहलोत ने रविवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आजादी की लड़ाई में भाजपा और आरएसएस की कोई भूमिका नहीं रही। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी से पहले उन्होंने अंग्रेजों के डर से ‘वंदे मातरम्’ तक नहीं गाया।
यह विवाद उस आरोप के बाद सामने आया है जिसमें भाजपा ने कहा था कि दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गायन पर आपत्ति जताई थी। कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज किया है।
अमित शाह पर भी साधा निशाना
गहलोत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कांग्रेस पर किए गए हमलों का भी जवाब दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि शाह राजस्थान के कई दौरों के बावजूद 2022 के उदयपुर कन्हैयालाल हत्याकांड और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच की प्रगति पर चर्चा क्यों नहीं करते।
गहलोत ने कहा कि यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली एनआईए के पास है और सरकार को इसकी जांच की स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए।
राजस्थान सरकार पर भी हमला
पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार प्रशासनिक अधिकारियों पर भाजपा के पक्ष में काम करने का अनुचित दबाव बना रही है।
गहलोत ने राज्य की कानून-व्यवस्था और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने मंत्रियों के धरने और प्रशासन के खिलाफ उठ रहे सवालों का जिक्र करते हुए राजस्थान की मौजूदा स्थिति को चिंताजनक बताया।








