जयपुर : मालवीय नगर स्थित अणुविभा केन्द्र में मंगलवार को आयोजित धर्मसभा में मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ ने श्रुताराधना के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रुताराधना से जीवन में अज्ञान का नाश होता है और ज्ञान का प्रकाश फैलता है। उन्होंने कहा कि अज्ञान के क्षय के साथ जीव राग-द्वेष से उत्पन्न मानसिक संक्लेश से भी मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ता है।
मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ ने गणधर गौतम स्वामी की जिज्ञासा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने श्रुताराधना को आत्मकल्याण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया है। अर्हत वाणी को श्रुत कहा जाता है और उसका नियमित स्वाध्याय व्यक्ति के भीतर ज्ञान के साथ विवेक और आत्मचेतना का विकास करता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान के क्षेत्र में धैर्यपूर्वक निरंतर प्रयास करने से बहुश्रुतता की उपलब्धि प्राप्त की जा सकती है। ज्ञान से सम्पन्न व्यक्ति सम्यक दर्शन और सम्यक चरित्र की दिशा में भी आगे बढ़ता है।
मुनिश्री ने बारह व्रत कार्यशाला की श्रृंखला के अंतर्गत बड़ी हिंसा से मुक्त जीवन जीने के लिए संयम और जागरूकता की प्रेरणा दी। इस अवसर पर उन्होंने ‘भरत मुक्ति’ गेय व्याख्यान का भी वाचन किया।
मुनिश्री संभव कुमार जी ने कहा कि ज्ञान प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास किया जाए तो जड़मति व्यक्ति भी विद्वान बन सकता है। आत्मार्थी को आत्मज्ञान की प्राप्ति के लिए निरंतर साधना और पुरुषार्थ करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रुताराधना आत्मप्रकाश का सशक्त माध्यम है और ज्ञान की प्राप्ति के साथ ज्ञान तथा ज्ञानी का सम्मान करना भी आवश्यक है।
धर्मसभा के दौरान तेरापंथ युवक परिषद की ओर से बारह व्रत कार्यशाला 2026 के बैनर का अनावरण किया गया। तेयुप सहमंत्री तनुज कोठारी ने कार्यशाला के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। वहीं अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास व्रत का संकल्प स्वीकार किया।
घर-घर चल रहे चित्त समाधि एवं आत्मशुद्धि अनुष्ठान को लेकर भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। साधना के माध्यम से लोग मानसिक शांति, आत्मिक स्थिरता और समाधि का अनुभव कर रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ तीर्थंकर सुविधिनाथ जी की स्तुति से हुआ। इसके बाद पिछले दिन के प्रवचन पर आधारित प्रश्नोत्तर का क्रम रखा गया। तत्त्वज्ञान के अंतर्गत मुनिश्री तत्त्व रुचि जी ‘तरुण’ ने ज्ञानावरण कर्म की विवेचना करते हुए उसके आध्यात्मिक प्रभावों को समझाया।
तेरापंथ महिला मंडल (शहर) की अध्यक्षा कौशल्या जैन एवं मंत्री पायल जैन ने बताया कि आगामी 4 सितंबर को सामूहिक आयंबिल तप का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक श्रावक-श्राविकाओं से इसमें सहभागिता का आह्वान किया।








