उत्तर कोरिया के नए विध्वंसक युद्धपोत को परमाणु प्रतिक्रिया प्रणाली में शामिल करने की तैयारी

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डेस्क : उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने सोमवार को कहा कि देश का नया विध्वंसक युद्धपोत ‘कांग कोंग’ उत्तर कोरिया की परमाणु प्रतिक्रिया प्रणाली का हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि यह पोत दुश्मनों के खिलाफ “विनाशकारी जवाबी हमले” करने में सक्षम प्रणाली का हिस्सा बनेगा। हालांकि, किम ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस युद्धपोत पर परमाणु हथियार तैनात किए जाएंगे या नहीं।

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, किम जोंग उन ने रविवार को पूर्वी तटीय शहर वॉनसान में आयोजित युद्धपोत के कमीशनिंग समारोह में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में इस नए युद्धपोत की तैनाती देश के विरोधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है।

किम ने कहा कि अब उत्तर कोरिया के लिए “समुद्र और समुद्र के नीचे अपनी संप्रभुता का इस्तेमाल करने का समय आ गया है।”

नौसैनिक शक्ति बढ़ाने पर जोर

करीब 5,000 टन क्षमता वाला ‘कांग कोंग’ उत्तर कोरियाई नौसेना में शामिल होने वाला इस श्रेणी का दूसरा विध्वंसक युद्धपोत है। इससे पहले करीब तीन महीने पहले देश के पश्चिमी तट पर ‘चोए ह्योन’ नामक विध्वंसक को नौसेना में शामिल किया गया था।

केसीएनए के मुताबिक, किम ने कहा कि उत्तर कोरिया की नौसैनिक परमाणु हथियार क्षमता को आगे बढ़ाया जा रहा है। देश महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में अपने रणनीतिक सैन्य संसाधनों का विस्तार जारी रखेगा, ताकि अपने क्षेत्रीय जल और क्षेत्रीय स्थिरता की रक्षा की जा सके।

हालांकि, उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया ने ‘कांग कोंग’ पर तैनात किए जाने वाले हथियारों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस युद्धपोत की हथियार प्रणाली ‘चोए ह्योन’ के समान होगी। इससे पहले की केसीएनए रिपोर्टों में दावा किया गया था कि चोए ह्योन श्रेणी के युद्धपोत विभिन्न प्रकार के हथियारों से लैस हो सकते हैं, जिनमें ऐसे मिसाइल सिस्टम भी शामिल हैं जिन्हें विशेषज्ञ परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मानते हैं।

आठ महीने में नौसैनिक विस्तार के अगले चरण का दावा

किम जोंग उन ने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया आठ महीने के भीतर नौसैनिक शक्ति विस्तार के एक और चरण की घोषणा करेगा। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी।

उन्होंने पूर्वी तट पर नौसैनिक अड्डों के निर्माण की प्रगति का भी उल्लेख किया। किम के अनुसार, उत्तर कोरिया आने वाले समय में नए नौसैनिक दस्ते स्थापित करने के साथ-साथ विभिन्न श्रेणियों के युद्धपोतों का निर्माण भी करेगा।

उत्तर कोरिया की ओर से नौसेना के आधुनिकीकरण और परमाणु क्षमता वाले सैन्य संसाधनों के विस्तार पर बढ़ता जोर ऐसे समय में सामने आया है, जब प्योंगयांग अपनी सैन्य क्षमताओं को व्यापक रूप से मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।