डेस्क : ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा है कि यदि अमेरिका ईरान को धमकी देना या उस पर हमला करना बंद कर देता है, तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB को रविवार को दिए एक साक्षात्कार में रेजाई ने कहा कि जलडमरूमध्य को लेकर ईरान की नीति सीधे तौर पर अमेरिका की सैन्य गतिविधियों से जुड़ी है। उन्होंने कहा, “जब अमेरिका ईरान को न धमकी देगा और न हमला करेगा, तब ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए प्रतिबद्ध होगा।”
फारस की खाड़ी में नया प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की तैयारी
रेजाई ने यह भी दावा किया कि ईरान आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक नया प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र निर्धारित करने की योजना बना रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि यह क्षेत्र फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक भी फैल सकता है।
ईरानी सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, प्रस्तावित क्षेत्र अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की सीमा से शुरू होकर फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस नए क्षेत्र में प्रवेश करने वाले जहाजों को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। रेजाई ने कहा कि ऐसे किसी भी जहाज को ईरान की प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा।
अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर भी दावा
रेजाई ने यह भी दावा किया कि ईरानी बलों ने कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों और लक्ष्यों की पहचान की थी, लेकिन कुछ स्थानों पर जानबूझकर हमला नहीं किया गया। इनमें जॉर्डन स्थित टाइटन बेस और इरबिल में मौजूद कुछ अमेरिकी ठिकाने शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि संघर्ष के दौरान अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ ईरान की पिछली सैन्य कार्रवाई का असर वाशिंगटन के रुख पर पड़ा और अमेरिका के दृष्टिकोण में बदलाव आया।
हिजबुल्लाह को लेकर भी दिया बयान
लेबनान और इजरायल के बीच संघर्ष का जिक्र करते हुए रेजाई ने हिजबुल्लाह की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी युद्ध का आकलन केवल लगातार जीत या हार के आधार पर नहीं किया जा सकता, क्योंकि युद्ध में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
रेजाई ने दावा किया कि इजरायली सेना के लगातार सैन्य दबाव के बावजूद संघर्ष के दौरान लेबनान के हिजबुल्लाह का पलड़ा भारी रहा है।
ईरानी अधिकारी के इन बयानों से स्पष्ट है कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को अमेरिकी सैन्य रुख से जोड़कर देख रहा है। साथ ही, ईरान ने फारस की खाड़ी में संभावित नए प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र को लेकर जहाजों को चेतावनी देकर क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने के संकेत दिए हैं।








