लखनऊ : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मस्जिद गिराने की इतनी जल्दी क्या थी और संबंधित पक्ष को उच्च अदालत में जाने का अवसर क्यों नहीं दिया गया।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कार्रवाई इतनी तेजी से की कि प्रभावित पक्ष को न्याय के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी पक्ष को उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय में अपनी बात रखने का अधिकार है, तो उसे यह अवसर क्यों नहीं दिया गया।
‘बारह घंटे में कार्रवाई हुई तो न्याय कैसे मिलेगा?’
अखिलेश यादव ने कार्रवाई के समय और तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी मामले में अदालत जाने का रास्ता खुला है तो प्रशासन को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उनका कहना है कि इतनी कम अवधि में कार्रवाई होने से संबंधित पक्ष के लिए न्याय पाने का रास्ता कठिन हो जाता है। ये अखिलेश यादव के आरोप हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।
प्रशासन ने न्यायालय के आदेश का दिया हवाला
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बना अनधिकृत निर्माण बताया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से जुलाई में ढांचे को हटाने का आदेश दिया गया था। इसके खिलाफ दायर अपील भी बाद में खारिज हो गई। इसके बाद प्रशासन ने मस्जिद को ध्वस्त कर दिया।
प्रशासन का पक्ष है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की गई। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी।
धार्मिक सद्भाव का मुद्दा भी उठाया
अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले को धार्मिक सद्भाव से जोड़ते हुए कहा कि सनातन परंपरा सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करना सिखाती है। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्म की आस्था का सम्मान करना भी भारतीय संस्कृति और सामाजिक सौहार्द का हिस्सा है।
उन्होंने सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस तरह के मुद्दों से जनता का ध्यान दूसरे महत्वपूर्ण विषयों से हटाने की कोशिश की जा रही है।
मामले पर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। समाजवादी पार्टी के अलावा कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं प्रशासन और सत्तापक्ष की ओर से इसे कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई बताया जा रहा है।
मामले में अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। मस्जिद प्रबंधन की ओर से इस कार्रवाई को उच्च न्यायालय में चुनौती दिए जाने की बात भी सामने आई है।








