6G की वैश्विक दौड़ में भारत की एंट्री, अमेरिका समेत 25 देशों की पहल में हुआ शामिल

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वॉशिंगटन : भारत अगली पीढ़ी की 6G दूरसंचार तकनीक के विकास और उसके इस्तेमाल को दिशा देने वाली वैश्विक पहल में शामिल हो गया है। अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने सोमवार को इसकी घोषणा की। इस पहल में अमेरिका के अलावा भारत समेत कुल 25 देश शामिल हैं। इसका उद्देश्य 6G नेटवर्क को साझा सुरक्षा हितों के अनुरूप विकसित करना, तकनीकी प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना और नवाचार को बढ़ावा देना है।

अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि यह समझौता अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद अंतिम रूप दिया गया। यह बैठक जी20 इनोवेशन मिनिस्ट्रियल के दौरान हुई थी।

अमेरिकी विभाग के अनुसार, दोनों पक्षों ने 6G के भविष्य और अगली पीढ़ी के नेटवर्क से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। भारत के इस पहल में शामिल होने से भविष्य की दूरसंचार तकनीक में साझा सुरक्षा हितों, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

जी20 बैठक में भारत ने रखा तकनीकी सहयोग का पक्ष

जितिन प्रसाद ने 1 और 2 सितंबर को अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित चैपल हिल में आयोजित जी20 इनोवेशन मिनिस्टर्स बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। बैठक की मेजबानी अमेरिकी वाणिज्य विभाग और व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी (OSTP) ने की।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मुताबिक, प्रसाद के साथ मंत्रालय के संयुक्त सचिव अजीत कुमार सहित MeitY, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के वरिष्ठ अधिकारी और अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक के समापन पर जी20 मंत्रियों ने इनोवेशन मिनिस्टिरियल स्टेटमेंट जारी किया। इसमें कहा गया कि उभरती प्रौद्योगिकियों में समृद्धि बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार करने और लोगों के लिए नए अवसर पैदा करने की क्षमता है।

सेमीकंडक्टर, AI और डेटा सेंटर पर भी हुई चर्चा

जी20 बैठक से इतर जितिन प्रसाद ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।

प्रसाद ने अमेरिका में अधिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत के India Semiconductor Mission 2.0 (ISM 2.0) में अमेरिकी निवेश की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। इसके अलावा दोनों देशों के बीच AI तकनीक साझेदारी को मजबूत करने और AI के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा हुई।

बैठक के बाद प्रसाद ने एक्स पर कहा कि सेमीकंडक्टर, AI और डेटा सेंटर उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका ने इन क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने और तकनीक आधारित अवसरों को आगे बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा की।

वैश्विक तकनीकी एजेंडे में भारत की बढ़ती भूमिका

भारत की इस पहल में भागीदारी को वैश्विक तकनीकी और नवाचार एजेंडे में उसकी बढ़ती भूमिका के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं में AI, सेमीकंडक्टर, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), रोबोटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर रहा।

भारत का प्रयास इन तकनीकों में प्रगति को आर्थिक विकास, नवाचार और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार से जोड़ने का है। 6G पहल में शामिल होना इसी व्यापक तकनीकी सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।