डेस्क : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक और भर्ती व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए उनकी छह विशेषताओं का भी उल्लेख किया।
राहुल गांधी ने कहा कि एक छात्र की पहचान उसकी जिज्ञासा और सवाल पूछने की प्रवृत्ति से होती है। उन्होंने कहा कि छात्र सवाल करता है, जबकि ‘अंधभक्त’ सवाल नहीं करता। राहुल गांधी के अनुसार, छात्र जिज्ञासु होता है, जबकि अंधभक्त भ्रम में रहता है।
उन्होंने दोनों के बीच अंतर बताते हुए कहा कि छात्र प्रेम और सम्मान की भावना रखता है, जबकि अंधभक्त नफरत की भाषा बोलता है। छात्र दूसरों की बात सुनता है और विनम्र रहता है, वहीं अंधभक्त अहंकार से भरा होता है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र निडर होकर सवाल करता है, जबकि अंधभक्त डर के कारण सवाल करने से बचता है।
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने महिलाओं के सम्मान और ईमानदारी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि छात्र महिलाओं का सम्मान करता है और ईमानदारी से अपनी बात रखता है, जबकि उनके अनुसार अंधभक्त महिलाओं का अपमान करता है और झूठ का सहारा लेता है।
राहुल गांधी ने छात्रों से शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, पेपर लीक और सरकारी भर्ती जैसे मुद्दों पर सवाल उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक वीडियो के माध्यम से भी ‘अंधभक्ति’ को लेकर अपनी बात रखी।








