भारत केवल भू-भाग नहीं, एक जिम्मेदारी है : सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि

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डेस्क : चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक भू-भाग नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों ने इस जिम्मेदारी को निभाया है और अब देश की युवा पीढ़ी को इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

अपने संबोधन में सीडीएस ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों को समझाने के लिए ‘धारा’ (डीएचएआरए) की अवधारणा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि डीएचएआरए का अर्थ विघटनकारी बदलाव, अत्यधिक परस्पर जुड़ाव, असमानता, पुनर्संरेखण और स्वायत्तता से है। उनके अनुसार, वर्तमान समय में वैश्विक व्यवस्था तेजी से बदल रही है और इन पहलुओं को समझना युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

जनरल सुब्रमणि ने कहा कि प्रौद्योगिकी बहुत तेजी से बदल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों और युवा तकनीकी विशेषज्ञों को लगातार नई चीजें सीखने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने युवाओं से पुरानी धारणाओं से बाहर निकलने, नई परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने और सीखने की जिज्ञासा बनाए रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया पहले की तुलना में कहीं अधिक एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। संचार माध्यमों के अलावा वित्तीय व्यवस्था, विमानन, ऊर्जा और डिजिटल नेटवर्क ने देशों और समाजों के बीच परस्पर निर्भरता को बढ़ाया है। हालांकि, इस बढ़ते जुड़ाव के साथ नई चुनौतियां और जोखिम भी सामने आए हैं।

सीडीएस ने विद्यार्थियों से केवल समस्याओं की पहचान करने के बजाय उनके समाधान तलाशने की मानसिकता विकसित करने को कहा। उन्होंने कहा कि युवाओं को समस्याएं बढ़ाने वाला नहीं, बल्कि समाधान प्रस्तुत करने वाला बनना चाहिए। देश के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना रचनात्मक सोच और पहल के साथ किया जाना चाहिए।

आईआईटी रुड़की के दो दिवसीय दीक्षांत समारोह में 2,701 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।