वेनेजुएला में होंगे चुनाव, लोकतांत्रिक व्यवस्था की ओर बढ़ने का ऐलान

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डेस्क : वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि देश चुनाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है और जल्द ही पूर्ण लोकतांत्रिक व्यवस्था की ओर कदम बढ़ाएगा। हालांकि, उन्होंने चुनाव की तारीख तय करने का अधिकार वेनेजुएला की जनता पर छोड़ा है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा को पहली बार संबोधित करते हुए रोड्रिग्ज ने कहा कि वह देश को राजनीतिक अनिश्चितता और संघर्ष के दौर से निकालकर ऐसी लोकतांत्रिक व्यवस्था की ओर ले जाने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी स्वीकार करती हैं, जिसे वेनेजुएला की जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों मान्यता दें।

उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संक्रमण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार ने विपक्ष के विभिन्न वर्गों के साथ राजनीतिक संवाद शुरू किया है। इस प्रक्रिया के तहत सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को समान अवसर देने की बात कही गई है। रोड्रिग्ज ने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी, समावेशी और सत्यापन योग्य बनाने का भी आश्वासन दिया।

रोड्रिग्ज का बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो के सलाहकारों ने दावा किया कि निर्वासन से वेनेजुएला लौटने की कोशिश के दौरान उन्हें तीन बार देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

अमेरिका से संबंध सुधारने की पहल

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से काराकस के साथ कूटनीतिक संवाद और सहयोग दोबारा शुरू करने की इच्छा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला अमेरिका, पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग, पारस्परिक सम्मान और समानता के आधार पर संबंधों को फिर से मजबूत करना चाहता है।

रोड्रिग्ज ने कहा कि वेनेजुएला इस समय एक नए दौर की शुरुआत करना चाहता है। उन्होंने इस वर्ष देश के सामने आए राजनीतिक तनाव और अमेरिका के साथ बढ़े टकराव का भी उल्लेख किया। इसके अलावा 24 जून को आए दो भूकंपों से हुई तबाही का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में 6,500 से अधिक लोगों की मौत हुई और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ।

मदुरो की गिरफ्तारी के बाद बदला घटनाक्रम

वेनेजुएला में मौजूदा राजनीतिक बदलाव की पृष्ठभूमि में जनवरी में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई भी महत्वपूर्ण है। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मदुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को एक अभियान के दौरान हिरासत में लिया गया और बाद में अमेरिका ले जाया गया, जहां मदुरो के खिलाफ अभियोग चलाया गया।

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा है कि अमेरिका ने देश को ऐसे शासन से बाहर निकाला, जिसके दौरान बड़ी संख्या में लोगों को जेल में रखा गया था।