डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों से मिलने वाला आशीर्वाद उनके लिए जीवन की सबसे बड़ी ऊर्जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवा भाव से किए गए कार्यों को लोग याद रखते हैं और सेवा करने वालों को अपना आशीर्वाद देते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकाली जा रही ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में शामिल प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद के दौरान कही। इस दौरान यात्रा में शामिल प्रतिभागी मध्य प्रदेश के देवास में मौजूद थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात से लेकर दिल्ली तक सेवा ही शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है। जब शासन के केंद्र में सेवा की भावना होती है तो हर नीति के केंद्र में नागरिकों का हित होता है। उन्होंने कहा कि सत्ता कितनी भी बड़ी क्यों न हो, मूल मार्ग सेवा का ही रहना चाहिए और इससे कभी विचलित नहीं होना चाहिए।
राष्ट्र निर्माण पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति और चुनाव अपनी जगह हैं, लेकिन उनका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण है। उन्होंने कहा कि देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प में युवाशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘सेवा यात्रियों’ से लोगों की सेवा को अपना प्रमुख उद्देश्य बनाने और अपने आचरण के माध्यम से सेवा का संदेश देने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा के भाव से किया गया प्रत्येक कार्य समाज में अपनी छाप छोड़ता है। उन्होंने युवाओं से सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढ़ने की अपील की।








