आजम खान पर सपा का दांव, 2027 के चुनावी रण में मुस्लिम वोटों पर नजर

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत को लेकर अपनी रणनीति तेज कर दी है। रामपुर के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के साथ पार्टी का बढ़ता जुड़ाव अब महज मुलाकातों तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसे पश्चिमी यूपी में अपने पुराने मुस्लिम राजनीतिक आधार को मजबूत करने की सपा की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

हाल ही में सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव रामपुर पहुंचे और जेल में बंद आजम खान तथा उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। मुलाकात के बाद शिवपाल ने आजम खान के साथ कथित अन्याय का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि 2027 में सपा की सरकार बनती है तो आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा और उनके साथ हुए कथित अन्याय के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

लगातार सक्रिय है सपा

आजम खान को लेकर सपा की सक्रियता हाल के दिनों में लगातार बढ़ी है। इससे पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में सपा विधायकों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा था। इसके बाद सपा सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी रामपुर गया। अब शिवपाल यादव की आजम खान से मुलाकात को पार्टी की एकजुटता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पिछले वर्ष जेल से बाहर आने के बाद आजम खान से रामपुर में मुलाकात कर चुके हैं। सपा ने आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में भी अपना समर्थन सार्वजनिक रूप से जताया है।

संभल का मुद्दा भी उठाया

शिवपाल यादव ने अपने रामपुर दौरे के दौरान संभल से जुड़े मामलों का भी मुद्दा उठाया और मुकदमे वापस लेने की बात कही। उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाओं और बसपा से दूरी को लेकर भी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। साथ ही कार्यकर्ताओं से 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अभी से जुटने का आह्वान किया।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, मुरादाबाद मंडल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश लंबे समय से सपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र रहे हैं। ऐसे में आजम खान को लेकर पार्टी की सक्रियता को मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपने पुराने प्रभाव को मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि अंतिम चुनावी समीकरण आने वाले महीनों में गठबंधन, उम्मीदवारों और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे।