अभिजीत दीपके को पार्क से लोगों ने भगाया, बोले- यहां कोई नौटंकी नहीं चलेगी

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नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली की एक आवासीय सोसायटी के पार्क में बैठक करना भारी पड़ गया। दीपके अपनी टीम और कुछ समर्थकों के साथ यहां ‘जंतर-मंतर सीजन-2’ की योजना बनाने पहुंचे थे। सोसायटी के लोगों को इसकी जानकारी मिली तो वे पार्क में पहुंच गए और बैठक का विरोध करते हुए सभी को वहां से जाने के लिए कहा।

पार्क में बैठक का हुआ विरोध

रिपोर्ट के अनुसार, अभिजीत दीपके के साथ उनकी टीम के सदस्य सौरभ दास, आशुतोष रंका और कुछ समर्थक मौजूद थे। टीम पहले एक बंद जगह पर बैठक आयोजित करना चाहती थी, लेकिन कथित तौर पर जगह नहीं मिलने के बाद पार्क में बैठक करने का फैसला किया गया।

दीपके और उनके समर्थक पार्क में बैठक कर रहे थे। इसी दौरान सोसायटी के कई लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सोसायटी का पार्क है और यहां धरना या प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। लोगों ने बैठक खत्म कर सभी को वहां से जाने को कहा। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस भी हुई।

‘यह जंतर-मंतर नहीं है’

सोसायटी के लोगों ने विरोध करते हुए कहा कि पार्क में इस तरह की गतिविधियां नहीं होने दी जाएंगी। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ‘यहां कोई नौटंकी नहीं चलेगी’ और सभी लोगों को तुरंत पार्क खाली करने को कहा।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद अभिजीत दीपके अपनी टीम और समर्थकों के साथ पार्क से चले गए।

दीपके ने लगाया दबाव बनाने का आरोप

इससे पहले अभिजीत दीपके ने दावा किया था कि उनकी टीम को बैठक के लिए जगह उपलब्ध कराने से लोगों को रोका और डराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों पर दबाव बनाया गया और इसी वजह से बैठक के लिए तय जगह भी आखिरी समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी।

दीपके ने इसके पीछे भाजपा का हाथ होने का आरोप लगाया, हालांकि यह उनके द्वारा लगाया गया आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

शिक्षा के मुद्दे को अभियान में प्राथमिकता

अभिजीत दीपके ने जल्द ही ‘जंतर-मंतर सीजन-2’ शुरू करने की घोषणा की है। उनकी पार्टी की ओर से शिक्षा से जुड़े मुद्दों को अभियान में प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इसके तहत सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर लोगों से जानकारी जुटाने और सामाजिक लेखा-परीक्षण जैसे अभियान चलाने की योजना बताई गई है।

अभिजीत दीपके हाल के महीनों में युवा विरोध प्रदर्शनों के एक प्रमुख चेहरे के तौर पर सामने आए हैं। रॉयटर्स के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन बेरोजगारी, परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर उभरा है।