अगर सब ठीक रहा तो…13 साल बाद हावड़ा नगर पालिका चुनाव; CM शुभेंदु का ऐलान

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प्रदेश सरकार ने हावड़ा सहित उन सभी नगरपालिकाओं में चुनाव कराने की कवायद तेज कर दी है, जहां वर्षों से चुनाव नहीं हो पाए हैं। खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कोलकाता नगर निगम चुनाव दिसंबर में प्रस्तावित हैं, जबकि 15 अन्य लंबित नगरपालिकाओं में भी चुनाव कराने की तैयारी चल रही है।

हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती राज्य चुनाव आयोग में महत्वपूर्ण पदों के खाली होने की है। पिछले साल सितंबर में राजीव सिंह के इस्तीफे के बाद से राज्य चुनाव आयुक्त का पद खाली है। हाल ही में आयोग के सचिव नीलांजन शांडिल्य का कार्यकाल विस्तार भी रद्द कर दिया गया है। वर्तमान में संयुक्त सचिव स्तर का कोई अधिकारी भी आयोग में उपलब्ध नहीं है।

बिना निर्वाचित बोर्ड के 15 नगरपालिकाएं

प्रदेश के 12 जिलों की 15 नगरपालिकाओं में फिलहाल निर्वाचित बोर्ड नहीं हैं और प्रशासनिक अधिकारी इनका संचालन कर रहे हैं। इनमें हावड़ा के अलावा दुर्गापुर, डोमकल, रायगंज, बुनियादपुर, पुजाली, कुर्सियांग, मिरिक, कलिम्पोंग, पांशकुरा, हल्दिया, कूपर्स कैंप, नलहाटी, बाली और धूपगुड़ी शामिल हैं। अधिकांश जगहों पर अंतिम बार चुनाव 2017 में हुए थे।

बता दें कि नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने मंत्रिमंडल गठन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इस दौरान हावड़ा समेत सभी लंबित नगरपालिकाओं के चुनाव पर चर्चा हुई थी। उस वक्त मंत्री ने कहा था कि हावड़ा चुनाव के संबंध में मुख्यमंत्री से शुरुआती बातचीत हुई है। मुख्यमंत्री बहुत जल्द ही हावड़ा ही नहीं, बल्कि सभी नगरपालिकाओं के चुनाव के मुद्दे पर एक बड़ी बैठक करेंगे, और आगे की रणनीति बनाएंगे।
समय की कमी और चुनौतियां

वहीं, नबन्ना के कुछ अधिकारियों का मानना है कि चुनाव आयोग में रिक्त पदों को पहले भरना जरूरी है। इसलिए दुर्गा पूजा से पहले इन चुनावों की संभावना बहुत कम है। गौरतलब है कि राज्य की शेष 112 नगरपालिकाओं के चुनाव फरवरी 2022 में हुए थे और उनका कार्यकाल अगले वर्ष की शुरुआत में समाप्त हो रहा है। इसलिए प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि इस वर्ष के अंत और अगले साल की शुरुआत में बड़े पैमाने पर नगर निकाय चुनाव कराए जा सकते हैं।

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