नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लोकसभा में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना से जुड़ी शिकायतों पर नोटिस जारी कर 28 अगस्त तक जवाब मांगा है।
यह कार्रवाई भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर और संजय जायसवाल की ओर से दी गई अलग-अलग शिकायतों के बाद हुई है। दोनों सांसदों ने राहुल गांधी पर सदन में अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर असंसदीय और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।
नियमों के उल्लंघन का आरोप
अनुराग ठाकुर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि ऐसे आरोप लगाने से पहले सदन के नियम 353 के तहत आवश्यक पूर्व सूचना नहीं दी गई।
वहीं, संजय जायसवाल ने भी राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों को संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताते हुए विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की मांग की थी।
स्पीकर के पास पहुंचा मामला
भाजपा सांसदों की शिकायतों को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष रखा गया था। इसके बाद मामला विशेषाधिकार समिति तक पहुंचा। अब समिति ने राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है।
लोकसभा सचिवालय की ओर से भेजे गए पत्र में राहुल गांधी से दोनों शिकायतों पर अपनी प्रतिक्रिया 28 अगस्त 2026 तक उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सियासी टकराव के बीच बढ़ी हलचल
राहुल गांधी और अमित शाह के बीच लोकसभा में हाल के दिनों में तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली है। ऐसे में विशेषाधिकार नोटिस ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे टकराव को और बढ़ा दिया है।
अब सभी की नजर राहुल गांधी के जवाब और इसके बाद विशेषाधिकार समिति की आगे की कार्रवाई पर रहेगी।








