डेस्क : असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत और मुआवजा देने की मांग को लेकर विपक्षी राइजोर दल के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के सरकारी आवास के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए काले झंडे दिखाए।
राइजोर दल और सहयोगी संगठनों के आह्वान पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गुवाहाटी स्थित मिनिस्टर्स कॉलोनी के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट समेत ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग की।
प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में कृषक मुक्ति संग्राम समिति के महासचिव विद्युत सैकिया और राइजोर दल के नेता धैर्य कोंवर भी शामिल बताए गए हैं।
बाढ़ के कारणों की जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने ऊपरी असम में बाढ़ से हुई भारी तबाही के कारणों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने बाढ़ के पीछे कथित मानवीय कारणों की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की भी मांग रखी।
राइजोर दल ने प्रभावित परिवारों के लिए अधिक मुआवजा, क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराने की मांग की। पार्टी का कहना है कि राहत और पुनर्वास की राशि बिना देरी प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जानी चाहिए।








