भारत और ओमान के बीच बढ़ा रक्षा सहयोग, संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण पर जोर

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डेस्क : भारत और ओमान ने अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत करते हुए संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और अभ्यास को विस्तार देने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच हुई हालिया उच्च स्तरीय चर्चाओं में प्रशिक्षण सहयोग, विशेषज्ञ आदान-प्रदान और संयुक्त सैन्य अभ्यासों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

रक्षा सूत्रों के अनुसार, भारत और ओमान ने इस बात पर सहमति जताई है कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय और तकनीकी समझ को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इसके लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक व्यापक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

दोनों पक्षों ने इस बात पर भी बल दिया कि सैन्य प्रशिक्षण सहयोग केवल अभ्यास तक सीमित न रहकर क्षमता निर्माण, आधुनिक युद्ध तकनीकों की समझ और सामरिक तैयारियों को मजबूत करने का माध्यम बने।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और ओमान के बीच यह सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी अभियानों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ओमान पश्चिम एशिया में भारत का एक प्रमुख रक्षा साझेदार माना जाता है और दोनों देशों के बीच लंबे समय से मजबूत सैन्य संबंध रहे हैं।

पिछले वर्षों में दोनों देशों ने संयुक्त अभ्यास, स्टाफ स्तर की वार्ताओं और रक्षा विशेषज्ञों के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में लगातार प्रगति की है। अब इस सहयोग को प्रशिक्षण और तकनीकी साझेदारी के नए स्तर तक ले जाने की तैयारी की जा रही है।

इस पहल को भारत की बढ़ती रक्षा कूटनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत वह अपने पारंपरिक साझेदारों के साथ सहयोग को और गहरा कर रहा है।

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