भारत-केन्या समुद्री सहयोग को मजबूती, मोंबासा में भारतीय तटरक्षक पोत वराह का संयुक्त प्रशिक्षण

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डेस्क :  भारत और केन्या के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भारतीय तटरक्षक पोत आईसीजीएस वराह ने केन्या के मोंबासा में केन्या कोस्ट गार्ड सर्विस के कर्मियों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण और पेशेवर गतिविधियों में भाग लिया। इन गतिविधियों का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए दोनों देशों के बीच समन्वय बढ़ाना है। यह पहल भारत के ‘महासागर’ (MAHASAGAR) दृष्टिकोण के अनुरूप है।

मोंबासा स्थित भारतीय सहायक उच्चायोग के अनुसार, पोत की मोंबासा यात्रा के दूसरे दिन केन्या कोस्ट गार्ड के कर्मियों के साथ विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें समुद्री खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) से संबंधित टेबलटॉप अभ्यास, जहाज पर चढ़कर तलाशी एवं जब्ती की प्रक्रिया (VBSS) तथा परमाणु, जैविक और रासायनिक खतरों से निपटने और क्षति नियंत्रण (NBCD) का प्रशिक्षण शामिल रहा। इन अभ्यासों के माध्यम से समुद्र में आपात स्थितियों से निपटने, कानून लागू करने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

इस दौरान आईसीजीएस वराह पर स्थानीय समुदाय के सदस्यों और भारतीय प्रवासी समुदाय के लोगों का भी स्वागत किया गया। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क और मित्रता को प्रोत्साहन मिला।

इससे पहले मंगलवार को पोत पर योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें चालक दल के सदस्यों के साथ विदेश में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारतीय मिशन ने इसे साझा सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने और क्षेत्रीय सद्भाव को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

समुद्री सुरक्षा और व्यापार पर भी चर्चा

पोत के मोंबासा प्रवास के दौरान इसके कमांडिंग ऑफिसर कमांडेंट रमनजीत सिंह राणा ने नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग में तैनात रक्षा सलाहकार के साथ केन्या कोस्ट गार्ड सर्विस के महानिदेशक ब्रूनो शिओसो से मुलाकात की। इस बैठक में प्रशिक्षण और संयुक्त अभ्यासों के माध्यम से दोनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

इसके अतिरिक्त, भारतीय सहायक उच्चायुक्त के साथ प्रतिनिधिमंडल ने केन्या पोर्ट्स अथॉरिटी के प्रबंध निदेशक कैप्टन विलियम रूटो से भी मुलाकात की। इस दौरान बंदरगाहों की सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, समुद्री संपर्क व्यवस्था और द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

इस वर्ष मोंबासा पहुंचने वाला तीसरा भारतीय पोत

आईसीजीएस वराह सोमवार को अपने विदेशी तैनाती अभियान के तहत मोंबासा पहुंचा था। चालू वर्ष में किसी भारतीय नौसेना या तटरक्षक पोत की मोंबासा की यह तीसरी यात्रा है। इससे पहले भारतीय नौसेना के आईएनएस त्रिकंद और आईएनएस तरकश भी यहां पहुंच चुके हैं।

नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार, भारतीय जहाजों की लगातार मोंबासा यात्राएं भारत और केन्या के बीच बढ़ती समुद्री साझेदारी का प्रतीक हैं। यह सहयोग दोनों देशों के ‘बहारी’ (BAHARI) संयुक्त दृष्टिकोण और भारत के ‘महासागर’ दृष्टिकोण के अनुरूप है।

इन गतिविधियों से भारत और केन्या के बीच समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।