भारत-नेपाल रिश्तों में नई गर्माहट, सेना प्रमुख धीरज सेठ ने बालेन शाह से की मुलाकात

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काठमांडू : भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नेपाल के प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री बालेन शाह से मुलाकात की। काठमांडू स्थित सिंह दरबार में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के आपसी हितों, रक्षा सहयोग और सैन्य संबंधों को और मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।

अपने ही नियम से हटे बालेन शाह

प्रधानमंत्री बालेन शाह और भारतीय सेना प्रमुख की मुलाकात को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि शाह ने विदेशी राजदूतों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आमने-सामने मुलाकात नहीं करने की अपनी घोषित नीति से हटकर जनरल धीरज सेठ से मुलाकात की।

जनरल धीरज सेठ १७ से १९ अगस्त तक नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह यात्रा नेपाली सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर हो रही है। यात्रा के दौरान दोनों सेना प्रमुखों के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और सैन्य सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत हुई।

नेपाली सेना में मिला मानद जनरल का सम्मान

नेपाल यात्रा के दौरान राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के मानद जनरल की उपाधि से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चली आ रही विशेष सैन्य परंपरा का हिस्सा है।

भारत और नेपाल के सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना में मानद जनरल की उपाधि देने की परंपरा वर्ष १९५० से चली आ रही है। इसे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सैन्य संबंधों की विशेष पहचान माना जाता है।

रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर

भारतीय सेना प्रमुख की नेपाल यात्रा ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। जनरल धीरज सेठ की प्रधानमंत्री बालेन शाह से मुलाकात को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यात्रा के दौरान जनरल धीरज सेठ ने काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। उनकी यात्रा में भारत-नेपाल के पारंपरिक सैन्य संबंधों, रक्षा सहयोग और दोनों सेनाओं के बीच आपसी समन्वय से जुड़े विषय प्रमुख रहे।

भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और सैन्य संबंध रहे हैं। ऐसे में भारतीय सेना प्रमुख की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और रक्षा संबंधों को और मजबूत करने का संदेश देती है।