डेस्क : पाकिस्तान से सामने आए एक बयान ने कश्मीर में लंबे समय से सक्रिय आतंकी नेटवर्क को लेकर नया सवाल खड़ा कर दिया है। पाकिस्तानी मौलवी अल्लामा नसीर मदनी ने दावा किया है कि लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद ने 10 हजार आतंकियों को कश्मीर भेजा था।
मदनी ने यह दावा 14 अगस्त को पाकिस्तान के बहावलनगर में एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण में किया। उनके भाषण का वीडियो सामने आने के बाद यह बयान चर्चा में है।
कश्मीर को बनाया आतंक का निशाना
मदनी के दावे के मुताबिक, हाफिज सईद ने बड़ी संख्या में आतंकियों को कश्मीर भेजने में भूमिका निभाई। उनका यह बयान पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क और कश्मीर में हिंसा के बीच कथित संबंधों को फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है।
हालांकि, 10 हजार आतंकियों के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह संख्या फिलहाल मदनी के दावे के रूप में ही सामने आई है।
26/11 हमले का मास्टरमाइंड
हाफिज सईद का नाम 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में प्रमुखता से सामने आया था। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े सईद पर भारत में लंबे समय से आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने भी उसे आतंकवाद से जुड़े मामलों में प्रतिबंधित किया है।
पहलगाम हमले की जांच में भी नाम
अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भी हाफिज सईद का नाम जांच के दौरान सामने आया। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। भारत में जांच एजेंसियां इस मामले में आतंकी नेटवर्क और उसके कथित मददगारों की भूमिका की जांच कर रही हैं।
बयान ने फिर खड़े किए सवाल
नसीर मदनी का ताजा दावा ऐसे समय आया है जब भारत लगातार पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की मांग करता रहा है। यदि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि होती है, तो यह कश्मीर में आतंकवाद के लिए इस्तेमाल किए गए नेटवर्क के पैमाने को समझने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या पाकिस्तान से कश्मीर में आतंकियों की इतनी बड़ी संख्या भेजे जाने के दावे के पीछे कोई ठोस सबूत है?








