डेस्क : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने बरेली की बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट पर कीर्ति कश्यप को उम्मीदवार घोषित कर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। कीर्ति कश्यप पूर्व भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप की बेटी हैं। धर्मेंद्र कश्यप के हाल ही में समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद उनकी बेटी को टिकट दिया जाना क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के इस फैसले को बरेली क्षेत्र में पार्टी की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। धर्मेंद्र कश्यप लंबे समय तक भाजपा की राजनीति से जुड़े रहे हैं और आंवला लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। ऐसे में उनका सपा में आना और उनकी बेटी को विधानसभा चुनाव का टिकट मिलना आने वाले चुनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण है।
भाजपा से सपा तक धर्मेंद्र कश्यप का राजनीतिक सफर
धर्मेंद्र कश्यप वर्ष 2014 और 2019 में भाजपा के टिकट पर आंवला लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए थे। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस राजनीतिक बदलाव के बाद अब उनकी बेटी कीर्ति कश्यप बिथरी चैनपुर से सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरेंगी।
बिथरी चैनपुर सीट पर बढ़ेगी राजनीतिक सरगर्मी
कीर्ति कश्यप की उम्मीदवारी के बाद बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में सपा की रणनीति, अन्य दलों के उम्मीदवारों और चुनावी समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सपा की इस घोषणा के बाद अन्य राजनीतिक दल बिथरी चैनपुर में किसे उम्मीदवार बनाते हैं और चुनावी मुकाबले की तस्वीर किस तरह सामने आती है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नेताओं के दल बदलने और उम्मीदवारों की घोषणाओं के बीच बरेली क्षेत्र का यह घटनाक्रम राजनीतिक दृष्टि से चर्चा में है।









