रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होगी कांग्रेस की रैली, दिल्ली पुलिस ने साफ की स्थिति

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नई दिल्ली  : दिल्ली में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर चल रहे विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एक नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली की अनुमति वापस नहीं ली गई है। पुलिस के अनुसार, रैली को लेकर पहले जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) अब भी प्रभावी है, लेकिन आयोजकों को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।

यह स्पष्टीकरण कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए उन आरोपों के बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि पुलिस पार्टी के प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों में बाधा डाल रही है।

एक नवंबर को रामलीला मैदान में होगी रैली

कांग्रेस ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी जनसभा आयोजित करने की योजना बनाई है। यह कार्यक्रम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध अभियान से जुड़ा है।

दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान की बुकिंग के लिए 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक NOC जारी किया था। पुलिस ने कहा है कि कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से उसे रैली पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते आयोजक संबंधित शर्तों का पालन करें और जमीन के स्वामित्व वाले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति प्राप्त करें।

रैली के लिए रखी गईं 14 शर्तें

पुलिस ने रैली के सुचारु संचालन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आयोजकों के लिए 14 शर्तें निर्धारित की हैं। इनमें प्रमुख रूप से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, निर्धारित स्थानों पर CCTV कैमरे, पानी और शौचालय की सुविधा तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती शामिल हैं।

निर्देशों के अनुसार, रैली शाम पांच बजे तक समाप्त करनी होगी। आयोजन स्थल पर रात में रुकने की अनुमति नहीं होगी और रामलीला मैदान से किसी अन्य स्थान तक मार्च निकालने पर भी प्रतिबंध रहेगा। शर्तों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

अशोका होटल में प्रस्तावित कार्यक्रम पर अलग स्थिति

कांग्रेस ने 30 अक्टूबर को अशोका होटल में एक मॉक संसद कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना बनाई थी। इस कार्यक्रम के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराने की बात कही गई थी।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, अशोका होटल में कार्यक्रम की अनुमति का मामला होटल प्रबंधन पर निर्भर करता है, क्योंकि यह निजी परिसर है। इस कार्यक्रम को लेकर स्थिति रामलीला मैदान की रैली से अलग है।

कांग्रेस ने लगाए थे आरोप

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया था कि पार्टी के कार्यक्रम की तैयारियों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे मतदाता सूची के पुनरीक्षण के मुद्दे पर विपक्ष के आंदोलन में बाधा डालने से जोड़कर देखा।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रामलीला मैदान की रैली की अनुमति रद्द नहीं की गई है। ऐसे में अब आयोजन की तैयारियां निर्धारित शर्तों, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित प्राधिकरणों की मंजूरी के अनुरूप आगे बढ़ेंगी।

फिलहाल मुख्य स्थिति यह है कि कांग्रेस की एक नवंबर की रैली की अनुमति बरकरार है, जबकि 30 अक्टूबर के अशोका होटल कार्यक्रम को लेकर अलग से व्यवस्था और अनुमति का प्रश्न बना हुआ है।