चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर अवमानना के आरोप तय

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लखनऊ : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अदालत के पुराने आदेश का अनुपालन नहीं होने पर उत्तर प्रदेश सरकार के चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना के आरोप तय किए हैं। मामला राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के वेतन पुनर्निर्धारण, बकाया वेतन के भुगतान और संशोधित पेंशन से जुड़े वर्ष 2022 के आदेश के अनुपालन से संबंधित है।

अदालत ने वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव, सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू के खिलाफ आरोप तय किए हैं।

चार साल बाद भी आदेश का अनुपालन नहीं

न्यायालय ने पाया कि 19 जुलाई 2022 को दिए गए आदेश के अनुपालन का कोई ठोस दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया। अदालत ने टिप्पणी की कि अधिकारियों की ओर से आदेश का आंशिक रूप से भी पालन किए जाने का प्रमाण नहीं मिला। मामला सुरेश चंद्र वर्मा से जुड़े फैसले के अनुपालन से संबंधित 37 अवमानना याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सामने आया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि आदेश जारी होने के करीब चार वर्ष बाद भी उसका पालन नहीं किया गया है। इससे पहले राज्य सरकार की ओर से अनुपालन के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने की मांग भी अदालत ने खारिज कर दी थी।

आश्वासन के बावजूद नहीं हुआ पालन

अदालत ने 22 मई 2026 को महाधिवक्ता की ओर से दिए गए उस आश्वासन का भी संज्ञान लिया, जिसमें आठ सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने की बात कही गई थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान जब आदेश के अनुपालन से संबंधित कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका, तो अदालत ने व्यक्तिगत रूप से मौजूद चारों अधिकारियों के खिलाफ अवमानना के आरोप तय कर दिए।

वहीं, लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय चौहान के खिलाफ अवमानना के आरोप अगली सुनवाई में तय किए जाएंगे।

13 अक्टूबर को व्यक्तिगत पेशी

हाईकोर्ट ने सभी आरोपित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्हें 13 अक्टूबर को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई भी 13 अक्टूबर को होगी।