डेस्क : तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दक्षिण भारत में कांग्रेस की लोकप्रियता को लेकर भगवान राम और भगवान शिव का उदाहरण दिया। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में भगवान शिव की पूजा की परंपरा प्रमुख है, जबकि उत्तर भारत में भगवान राम के प्रति आस्था अधिक दिखाई देती है।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि दक्षिण भारत के लोग भगवान शिव के भक्त हैं और ‘हर-हर महादेव’ का उद्घोष करते हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा ‘जय श्री राम’ के नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक मंचों पर ‘हर-हर महादेव’ का उद्घोष अपेक्षाकृत कम सुनाई देता है।
मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक तर्क में भगवान शिव को गरीबों और भगवान राम को अमीरों से जोड़ते हुए भाजपा पर अमीरों के पक्ष में राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने दक्षिण और उत्तर भारत की सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के अंतर का भी उल्लेख किया।
रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवान राम और भगवान शिव को राजनीतिक रूप से अलग-अलग खांचों में बांटने का प्रयास कर रहे हैं।
SIR को लेकर विपक्षी एकजुटता की अपील
कार्यक्रम में रेवंत रेड्डी ने निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आंदोलन करने की अपील की। उन्होंने ‘SIR गो बैक’ अभियान चलाने की बात कही।
रेवंत रेड्डी ने विपक्षी नेताओं से इस मुद्दे पर साथ आने का आग्रह किया। SIR को लेकर विपक्षी दलों की ओर से निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं और इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए गए हैं।








