डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वॉशिंगटन को ईरान के साथ जारी युद्ध समाप्त करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने मौजूदा संघर्ष को सामान्य युद्ध से अलग बताते हुए कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त समय है। दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सैन्य अधिकारियों को किसी भी तरह के खतरे का तत्काल और प्रभावी जवाब देने का निर्देश दिया है।
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है और दोनों पक्षों के बीच संपर्क जारी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान आर्थिक और प्रशासनिक संकट से गुजर रहा है तथा वहां सैनिकों और पुलिसकर्मियों को वेतन देने में भी परेशानी हो रही है। ट्रंप ने कहा, “यह युद्ध है, लेकिन सामान्य युद्ध नहीं है। हमारे पास समय है और हम जल्दबाजी में नहीं हैं।”
खामेनेई ने सेना को दी हर खतरे का जवाब देने की छूट
अमेरिका के साथ संभावित नए सैन्य टकराव की आशंका के बीच मोजतबा खामेनेई ने सशस्त्र बलों के वरिष्ठ कमांडरों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने सेना को निर्देश दिया कि दुश्मन की ओर से आने वाले हर तरह के खतरे का तत्काल, प्रभावी और बिना किसी भौगोलिक सीमा के जवाब दिया जाए।
खामेनेई के बयान में कहा गया कि यदि दुश्मन दोबारा सैन्य या आतंकवादी हमले करता है, तो उसके जवाब और संघर्ष समाप्त करने का समय तथा परिस्थितियां ईरान की सेना और वहां की जनता तय करेगी।
उन्होंने सेना को अपनी युद्ध संबंधी तैयारियों को मजबूत करने, आधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करने और दुश्मन का मजबूती से मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा। उनके मुताबिक, अधिकतम प्रतिरोध क्षमता बनाए रखने के लिए सैन्य तैयारियों का मजबूत होना जरूरी है।
बैठक के बाद ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने भी चेतावनी दी कि किसी भी हमले का जवाब भारी सैन्य ताकत के साथ दिया जाएगा।
बातचीत के लिए तैयार ईरान, लेकिन युद्ध की आशंका से इनकार नहीं
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ बातचीत की संभावनाओं का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष की ओर से संवाद और आपसी समझ का रास्ता खोलने की कोशिश सकारात्मक कदम है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध की किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रहा है।
अराघची के अनुसार, ईरान ने अपने हथियारों को आधुनिक बनाया है, सैन्य कमजोरियों को दूर किया है और नए हथियारों का परीक्षण भी किया है। उन्होंने दावा किया कि ईरानी सेना किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को एक पत्र भेजा है। इसका उद्देश्य बातचीत दोबारा शुरू करना और अमेरिका की ओर से संभावित नए सैन्य हमलों को रोकने का रास्ता तलाशना बताया जा रहा है।
दोहा में हो सकती है अमेरिका-ईरान की सीधी बातचीत
कूटनीतिक प्रयासों के बीच कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत की संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत में कुछ शुरुआती सहमतियां बनी हैं। इनमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवागमन और तेहरान को आर्थिक राहत देने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि किसी संभावित समझौते के लिए चीन और रूस गारंटर की भूमिका निभा सकते हैं। प्रस्तावित मसौदे में समझौते के प्रत्येक चरण के क्रियान्वयन से पहले स्वतंत्र सत्यापन व्यवस्था बनाने की बात भी शामिल है, ताकि दोनों पक्षों की प्रतिबद्धताओं की पुष्टि की जा सके।
इसके अलावा, समझौते के उल्लंघन या क्रियान्वयन में देरी की स्थिति में विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थों और गारंटर देशों को शामिल करने का प्रस्ताव है।
होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को लेकर ईरान की शर्तें
अब्बास अराघची ने बताया कि कतर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने से संबंधित ईरान के प्रस्ताव की समयसीमा पांच दिन से घटाकर दो दिन करने का सुझाव दिया है।
हालांकि, ईरान ने इसके लिए कुछ शर्तें रखी हैं। इनमें इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कम करना, तेल निर्यात से जुड़ी छूट बहाल करना और विदेशों में जमा ईरान की सभी फ्रीज संपत्तियों को जारी करना शामिल है। ईरान ने विशेष रूप से कतर में जमा अपनी धनराशि वापस करने की मांग भी की है।
अराघची के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान की शर्तों के अनुरूप दोबारा खोलना वॉशिंगटन के साथ लंबित मुद्दों पर बातचीत शुरू करने का रास्ता तैयार कर सकता है।
क़ेश्म द्वीप के पास दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर हमले का दावा
अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत की कोशिशों के बीच सैन्य तनाव की एक नई घटना भी सामने आई है। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में क़ेश्म द्वीप के पास दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं को निशाना बनाया। इस घटना में दो ईरानी मछुआरे घायल हो गए।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ड्रोन हमले के बाद लापता हुए दोनों मछुआरों को खोज लिया गया और उन्हें क़ेश्म द्वीप वापस भेज दिया गया। घायलों में से एक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मोजगान प्रांत के राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों के उप-गवर्नर ने बताया कि घटना स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11:30 बजे मुसान गांव से लगभग 18 समुद्री मील दूर हुई। दोनों नौकाओं पर दो-दो लोग सवार थे।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन दोनों देशों के सख्त रुख और सैन्य तैयारियों ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोहा में प्रस्तावित वार्ता और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर होने वाले फैसले बेहद अहम माने जा रहे हैं।









