डेस्क : इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसके इस्तेमाल से वाहनों को नुकसान पहुंचने के दावों पर सवाल उठाया है। बिहार इन्वेस्टर समिट के दौरान गडकरी ने कहा कि यदि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से कोई वाहन खराब हुआ है तो उसका उदाहरण सामने लाया जाए।
गडकरी ने कहा कि वर्ष 2022 से देश में बड़ी संख्या में चार पहिया और दोपहिया वाहन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके मुताबिक, प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने भी अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के अनुरूप वाहनों का परीक्षण किया है।
किसानों की आय का भी किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने इथेनॉल मिश्रण की नीति को किसानों की आय और कृषि क्षेत्र से भी जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि मक्का जैसी फसलों से इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा मिलने से किसानों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत तैयार हुआ है।
गडकरी ने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश में मक्के से इथेनॉल उत्पादन बढ़ने के कारण किसानों को अतिरिक्त आमदनी का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल खाद्य उत्पादक तक सीमित रखने के बजाय उन्हें ऊर्जा उत्पादन से भी जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
ई20 ईंधन को लेकर जारी है बहस
इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल, खासकर ई20 ईंधन, को लेकर पिछले कुछ समय से वाहन के माइलेज और इंजन पर संभावित प्रभाव को लेकर बहस चल रही है। इस पर सरकार की ओर से कहा गया है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार ई20 ईंधन के कारण बड़े पैमाने पर वाहनों के खराब होने का कोई सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आया है।
हालांकि, इथेनॉल का ऊर्जा घनत्व पेट्रोल की तुलना में कम होने के कारण इसके इस्तेमाल से कुछ वाहनों में ईंधन दक्षता यानी माइलेज पर असर पड़ने की बात विशेषज्ञों की ओर से कही जाती रही है। इसी मुद्दे को लेकर देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की नीति पर चर्चा जारी है।








