डेस्क : केंद्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लोकसभा में एनडीए की स्थिति और मजबूत होने के बीच अब शिवसेना (शिंदे गुट) को केंद्र सरकार में अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना तेज हो गई है। चर्चा है कि आने वाले कैबिनेट फेरबदल में पार्टी को नए मंत्री पद मिल सकते हैं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति का समीकरण भी बदल सकता है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के टूटकर शिंदे गुट में शामिल होने के बाद पार्टी की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। इस बदलाव ने न सिर्फ एनडीए की ताकत बढ़ाई है बल्कि शिंदे गुट को केंद्र में अधिक हिस्सेदारी का मजबूत आधार भी दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। इनमें संजय जाधव और ओमराजे निंबाळकर जैसे नामों की चर्चा है। वहीं, कुछ मौजूदा मंत्रियों की भूमिका में बदलाव या उन्हें हटाने की भी संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र श्रीकांत शिंदे को भी कैबिनेट में शामिल किए जाने की अटकलें तेज हैं। बताया जा रहा है कि हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और संगठनात्मक विस्तार के चलते शिंदे गुट का प्रभाव दिल्ली तक और मजबूत हुआ है।
उधर, विपक्षी खेमे में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हलचल बढ़ गई है। छह सांसदों के दल-बदल को लेकर संसद में भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जहां विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए चुनौती बताया है।
एनडीए खेमे में बढ़ती संख्याबल और रणनीतिक संतुलन के बीच आने वाले दिनों में कैबिनेट विस्तार को लेकर अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा लिया जाएगा।


