गडकरी ने गिनाई 27 साल पुराने एक्सप्रेसवे की मिसाल, बोले- आज भी नहीं है एक गड्ढा

0

पुणे :  केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि 27 साल पहले बनाए गए इस एक्सप्रेसवे पर आज तक एक भी गड्ढा नहीं आया है। उन्होंने कहा कि सड़क आज भी बेहतर स्थिति में है, लेकिन इस उपलब्धि की चर्चा नहीं होती।

पुणे में आयोजित फेस्टिवल ऑफ थिंकर्स कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि उन्हें कई बार ऐसी सड़कों के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ता है, जिनका निर्माण राज्य सरकारों की एजेंसियों ने किया है। उन्होंने कहा कि किसी सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने पर यह देखना जरूरी है कि उसका निर्माण किस एजेंसी ने किया है और उसकी जिम्मेदारी किसकी है।

‘अच्छी सड़क की खबर नहीं बनती’

गडकरी ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क निर्माण के क्षेत्र में अच्छे काम की चर्चा कम होती है। उनके मुताबिक, एक्सप्रेसवे के लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रहने के बावजूद इसकी खबर नहीं बनती। वहीं, सड़क में किसी तरह की समस्या आने पर तुरंत सवाल उठने लगते हैं।

मिसिंग लिंक को लेकर भी दी सफाई

गडकरी ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान वन विभाग से आवश्यक अनुमति नहीं मिलने के कारण वह इस हिस्से का निर्माण नहीं करा सके। बाद में महाराष्ट्र सरकार ने इस परियोजना का निर्माण कराया।

उन्होंने कहा कि जब इस हिस्से में बारिश के दौरान भूस्खलन और अन्य समस्याएं सामने आईं तो सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाया गया, जबकि परियोजना का निर्माण राज्य सरकार की ओर से किया गया था।

करीब 13 किलोमीटर लंबे मिसिंग लिंक में दो जुड़वां सुरंगें और एक केबल-स्टे पुल शामिल हैं। यह मार्ग लोनावला-खंडाला के घुमावदार घाट हिस्से का विकल्प उपलब्ध कराता है और मुंबई-पुणे यात्रा को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।