अहमदाबाद : गुजरात की राजनीति में एक बार फिर शंकरसिंह वाघेला के नाम की चर्चा तेज हो गई है। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रह चुके शंकरसिंह वाघेला की कांग्रेस में वापसी को लेकर पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत चल रही है। हालांकि अभी उनकी कांग्रेस में औपचारिक वापसी की घोषणा नहीं हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, वाघेला ने कांग्रेस के गुजरात प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी सहित पार्टी के नेताओं से बातचीत की है। वाघेला का कहना है कि कांग्रेस में वापसी का अंतिम निर्णय राहुल गांधी से मुलाकात के बाद होगा।
करीब एक दशक बाद कांग्रेस में वापसी की चर्चा
शंकरसिंह वाघेला ने वर्ष २०१७ में कांग्रेस छोड़ दी थी। इससे पहले वह गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह केंद्र की तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे।
वाघेला ने वर्ष १९९५ में भारतीय जनता पार्टी से अलग होकर गुजरात की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम खड़ा किया था। वर्ष १९९६ में वह कांग्रेस के समर्थन से गुजरात के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद वर्ष १९९८ में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
राहुल गांधी से मुलाकात अहम
वाघेला के कांग्रेस में लौटने की संभावनाओं के बीच राहुल गांधी के साथ उनकी प्रस्तावित मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वाघेला ने कहा है कि वह पार्टी से किसी पद या व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा नहीं रखते, बल्कि पार्टी को अपना अनुभव देना चाहते हैं।
कांग्रेस की ओर से भी वाघेला के साथ बातचीत की पुष्टि की गई है। गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि वाघेला और उनके समर्थकों के साथ चर्चा चल रही है तथा पार्टी नेतृत्व भी इस विषय पर बातचीत कर रहा है।
गुजरात की राजनीति में बढ़ी हलचल
वाघेला की संभावित कांग्रेस वापसी की चर्चा ऐसे समय हो रही है जब गुजरात में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अगले महीने गांधीनगर नगर निगम चुनाव होने हैं, जबकि गुजरात विधानसभा चुनाव अगले वर्ष प्रस्तावित हैं। ऐसे में वाघेला की संभावित वापसी को लेकर राज्य की राजनीति में चर्चा बढ़ गई है।
हालांकि फिलहाल वाघेला के कांग्रेस में औपचारिक रूप से शामिल होने की तारीख या कार्यक्रम की घोषणा नहीं हुई है। राहुल गांधी से मुलाकात और कांग्रेस नेतृत्व के साथ आगे होने वाली बातचीत के बाद ही इस संबंध में अंतिम तस्वीर स्पष्ट होने की संभावना है।








