‘ज्ञानेश कुमार हटेंगे, मोदी-शाह पर भी होगी कार्रवाई’, रामलीला मैदान से राहुल गांधी का बड़ा बयान

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नई दिल्ली :  दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित महारैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लंबे समय से वोट चोरी की जा रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है। रैली में विपक्षी दलों के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि वोट चोरी केवल चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का विषय नहीं है, बल्कि यह देश के लोकतंत्र और आम नागरिक के अधिकारों से जुड़ा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के जरिए जनता के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष का विरोध

रैली का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) रहा। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है। INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई।

विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।

कई प्रमुख विपक्षी नेता हुए शामिल

रामलीला मैदान में आयोजित इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और फारूक अब्दुल्ला सहित INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। नेताओं ने एकजुट होकर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा उठाया।

रैली के जरिए विपक्ष ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि मतदाता सूची और चुनावी निष्पक्षता का मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है।

चुनावी पारदर्शिता पर फिर छिड़ी बहस

विपक्ष के आरोपों के बीच चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण उसे शुद्ध और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से किया जाता है। इस प्रक्रिया में मृत, स्थानांतरित और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं के नामों की जांच की जाती है।

रामलीला मैदान की इस महारैली के बाद देश में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि विपक्ष की मांगों और आरोपों पर चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।