हनुमान अंश से पहले संतों पर बनीं ये 5 फिल्में, OTT पर आज भी देख सकते हैं

0

डेस्क : भारतीय संतों और आध्यात्मिक महापुरुषों के जीवन पर बॉलीवुड में समय-समय पर कई फिल्में बनाई गई हैं। हालिया फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद एक बार फिर संतों के जीवन पर बनी फिल्मों की चर्चा तेज हो गई है। नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। इससे पहले भी संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम, मीराबाई और स्वामी विवेकानंद जैसे संतों पर फिल्में बन चुकी हैं, जिन्हें दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला।

संत ज्ञानेश्वर (1962)
मणिभाई व्यास के निर्देशन में बनी यह फिल्म संत ज्ञानेश्वर के जीवन पर आधारित है। फिल्म को IMDb पर 8.3 की रेटिंग मिली है। इसमें बबलू, शाहू मोदक, सुधीर कुमार और सुलोचना जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म को Amazon Prime Video और YouTube पर देखा जा सकता है।

शिरडी के साईं बाबा (1977)
अशोक वी. भूषण के निर्देशन में बनी इस फिल्म में हेमा मालिनी, शत्रुघ्न सिन्हा, मनोज कुमार, सुधीर दलवी और राजेंद्र कुमार जैसे कलाकार थे। फिल्म साईं बाबा के जीवन और उनके चमत्कारों से जुड़ी कहानी पर आधारित है। IMDb पर इसकी रेटिंग 7.5 बताई गई है और यह ZEE5 पर उपलब्ध है।

संत तुकाराम (1936)
संत तुकाराम के जीवन पर बनी यह फिल्म भारतीय सिनेमा की पुरानी फिल्मों में शामिल है। फिल्म को IMDb पर 6.5 की रेटिंग मिली है। पुरानी होने के बावजूद संत तुकाराम के जीवन और उनके आध्यात्मिक विचारों के कारण यह फिल्म आज भी चर्चा में रहती है। इसे Amazon Prime Video पर देखा जा सकता है।

मीरा (1979)
गुलजार के निर्देशन में बनी ‘मीरा’ मीराबाई के जीवन और कृष्ण के प्रति उनकी भक्ति को पर्दे पर प्रस्तुत करती है। हेमा मालिनी ने मीराबाई की भूमिका निभाई थी, जबकि विनोद खन्ना, अमजद खान और शम्मी कपूर भी फिल्म का हिस्सा थे। फिल्म की IMDb रेटिंग 6.7 है और यह Amazon Prime Video पर उपलब्ध है।

स्वामी विवेकानंद (1998)
जीवी अय्यर के निर्देशन में बनी यह फिल्म स्वामी विवेकानंद के जीवन पर केंद्रित है। करीब चार घंटे लंबी इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती के साथ राखी गुलजार, शशि कपूर और शम्मी कपूर जैसे कलाकार नजर आए। फिल्म को IMDb पर 7.3 की रेटिंग मिली है।

संतों और आध्यात्मिक महापुरुषों के जीवन पर बनी इन फिल्मों में अलग-अलग दौर के भारतीय समाज, भक्ति और आध्यात्मिक विचारों की झलक देखने को मिलती है। ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने इस विषय पर बनी पुरानी फिल्मों को भी दोबारा चर्चा में ला दिया है।