नई दिल्ली : दुनिया में इबोला वायरस के बढ़ते खतरे के बीच भारत में स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। कांगो से लौटे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान में इबोला संक्रमण जैसे संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद उसे दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल देश में इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है और जवान के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
जानकारी के अनुसार, BSF जवान हाल ही में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो से संयुक्त राष्ट्र मिशन की ड्यूटी पूरी कर भारत लौटे थे। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के तहत उन्हें निर्धारित अवधि के लिए क्वारंटीन में रखा गया था। इसी दौरान उनमें बुखार और अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने के बाद उन्हें एहतियात के तौर पर अस्पताल के विशेष आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने जवान के नमूने जांच के लिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। डॉक्टरों की टीम लगातार जवान की निगरानी कर रही है।
11 हजार से ज्यादा यात्रियों की स्क्रीनिंग
इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने निगरानी व्यवस्था बढ़ा दी है। स्वास्थ्य एजेंसियों ने प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। अब तक 11 हजार से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच की जा चुकी है।
अधिकारियों के मुताबिक, देश में अभी तक इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। एयरपोर्ट, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय की नजर
केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और अन्य स्वास्थ्य संस्थान भी संभावित संक्रमण को रोकने के लिए तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।
इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है, जिसमें तेज बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और गंभीर मामलों में रक्तस्राव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए समय पर पहचान और आइसोलेशन को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।








